पश्चिम एशिया में जारी ईरान इजराइल युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक दिलचस्प उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
मुंबई। पश्चिम एशिया में जारी ईरान इजराइल युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक दिलचस्प उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस बीच ईरान द्वारा अमेरिका के समक्ष परमाणु कार्यक्रम छोड़ने का प्रस्ताव देने के बाद भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद तेजी देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में सुधार और कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से भी बाजार तेजी के साथ बंद हुआ।
परमाणु कार्यक्रम पर खबर से बाजार में उछाल
सीएनबीसी ने Sky News Arabia की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ईरान के उप विदेश मंत्री के हवाले से कहा गया कि यदि अमेरिका कोई संतोषजनक वैकल्पिक प्रस्ताव देता है तो ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार है। इस खबर के सामने आते ही बाजार में तेज उछाल देखने को मिला। हालांकि, थोड़ी देर में खबर पर सफाई आई।
सरकारी एजेंसी की सफाई से बाजार में नरमी
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने रिपोर्ट में बताया कि उप विदेश मंत्री का यह बयान अमेरिका के साथ “पहले हुई बातचीत” से संबंधित था, न कि मौजूदा हालात से। IRNA ने स्पष्ट किया कि Sky News Arabia द्वारा दिए गए विदेश मंत्री के स्टेटमेंट अमेरिका के साथ पहले हुई वार्ताओं से जुड़ी थीं। ओमान की मध्यस्थता में ईरान के साथ परमाणु समझौते को लेकर ये बैक-चैनल बातचीत विफल हो गई थी। सफाई आने के बाद बाजार ऊपरी स्तरों से 80 अंक से ज्यादा फिसल गया।
दिन के अंत में बाजार मजबूती के साथ बंद
कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 900 अंक या 1.14 प्रतिशत की उछाल के साथ 80,015 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 285 अंक या 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,765.90 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट पर ब्रेक लग गया।
भारतीय रुपये में सुधार
भारतीय रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरते हुए, शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 48 पैसे मजबूत होकर 91.57 पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अपतटीय और ऑनशोर बाजारों में डॉलर बेचने के हस्तक्षेप से रुपये में यह सुधार आया, जिससे यह एशिया में सबसे अधिक आगे बढ़ने वाली मुद्राओं में से एक बन गया।
ज्यादातर सेक्टरों में खरीदारी का माहौल
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 1.84 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 82.90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के दौरान आईटी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुए। सबसे अधिक तेजी मेटल, पावर, डिफेंस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स, यूटिलिटी और इंडस्ट्रियल शेयरों में देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में भी करीब 1.5% की तेजी रही।
निवेशकों की संपत्ति में 6.55 लाख करोड़ का इजाफा
आज की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 6.55 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज बढ़कर 452.98 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन 447.18 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 6.55 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है।
बाजार में बढ़त वाले शेयरों की संख्या ज्यादा
शेयर मार्केट में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर आज बढ़त वाले शेयरों की संख्या अधिक रही। एक्सचेंज पर कुल 4,397 शेयरों में आज कारोबार देखने को मिला। इसमें से 2,801 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। वहीं 1,456 शेयरों में गिरावट देखी गई। जबकि 140 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए। इसके अलावा 66 शेयरों ने आज कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई छुआ। वहीं 381 शेयरों ने अपने 52-हफ्तों का नया निचला स्तर छुआ।
सेंसेक्स में अदाणी पोर्ट्स सबसे बड़ा गेनर
स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध बीएसई सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयर आज हरे निशान में यानी बढ़त के साथ बंद हुए। इसमें अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में 4.51 फीसदी की सबसे अधिक तेजी रही। इसके बाद लार्सन एंड टुब्रो, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 2.98 फीसदी से लेकर 3.88 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।
आईटी शेयरों में दिखी कमजोरी
सेंसेक्स के बाकी 11 शेयर लाल निशान में बंद हुए। इसमें भी टेक महिंद्रा का शेयर 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स रहा। वहीं, एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 0.27 फीसदी से लेकर 0.56 फीसदी तक की गिरावट रही।
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