अभिनेता पीयूष मिश्रा ने हाल ही में साउथ और बॉलीवुड की कार्यसंस्कृति को लेकर अपनी राय साझा की।
पीयूष मिश्रा की साउथ–बॉलीवुड कार्यसंस्कृति पर राय
अभिनेता पीयूष मिश्रा ने हाल ही में साउथ और बॉलीवुड की कार्यसंस्कृति को लेकर अपनी राय साझा की। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में काम करने का अनुभव उन्हें क्यों बेहतर लगा और किस वजह से बॉलीवुड में इस माहौल से फर्क दिखता है।
साउथ में काम करने का अलग अनुभव
कर्ली टेल्स को दिए इंटरव्यू में पीयूष मिश्रा ने कहा कि साउथ में लोग काफी मिलनसार होते हैं। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि ‘इंडियन 2’ के निर्देशक एस. शंकर खुद उनसे मिलकर अपना परिचय देने आए थे। उन्होंने कहा कि इतने बड़े निर्देशक का इतना विनम्र व्यवहार उन्हें बेहद अच्छा लगा।
बॉलीवुड के स्टारडम पर सवाल
पीयूष मिश्रा ने बॉलीवुड की तुलना करते हुए कहा कि यहाँ अभिनेताओं के पास बहुत बड़ा दल होता है। उन्होंने बताया कि कई कलाकारों के साथ 8-9 सहायक और 12-14 बॉडीगार्ड चलते हैं। उन्होंने कहा कि यह अनावश्यक है और इससे फिल्म का बजट भी बढ़ता है। उनके अनुसार,
- एक व्यक्ति सिर्फ ड्रिंक देने के लिए,
- एक उसे पकड़ाने के लिए,
- एक बाल बनाने के लिए,
- एक मेकअप करने के लिए—
- इतने लोगों की जरूरत समझ नहीं आती।
पहले भी उठ चुकी है यह बात
इस मुद्दे पर इससे पहले करण जौहर, फराह खान और कई दूसरे फिल्म निर्माताओं ने भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि अभिनेताओं के बड़े दल और अतिरिक्त स्टाफ की वजह से फिल्मों का खर्चा काफी बढ़ जाता है।
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