संसद के आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार FCRA संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक समेत सात महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है।
नई दिल्ली,(भारत)। आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में पेश कर सकती है। लोकसभा महासचिव के एक बुलेटिन के अनुसार, इनमें विवादास्पद विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 प्रमुख हैं।
एफसीआरए प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य विदेशी अंशदानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एफसीआरए, 2010 में बदलाव करना है। इसके तहत एफसीआरए प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने, नवीनीकरण न होने या सरकार द्वारा नवीनीकरण अस्वीकार किए जाने पर प्रमाणपत्र स्वतः समाप्त हो जाएगा। विधेयक विदेशी अंशदान और उससे जुड़ी परिसंपत्तियों के प्रबंधन, निगरानी और निपटान के लिए एक नामित प्राधिकरण के गठन का भी प्रस्ताव रखता है।
एक नए उच्च शिक्षा नियामक ढांचे की स्थापना
केरल विधानसभा चुनाव से पहले यह विधेयक राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, क्योंकि राज्य में बड़ी संख्या में गैर-सरकारी संगठन एफसीआरए के तहत विदेशी सहायता प्राप्त करते हैं। वहीं, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का उद्देश्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की जगह एक नए उच्च शिक्षा नियामक ढांचे की स्थापना करना है। यह विधेयक राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों को भी पहली बार एक समान निगरानी व्यवस्था के अंतर्गत लाने का प्रस्ताव करता है। हालांकि, केंद्र सरकार के निर्देशों को अंतिम मानने वाले प्रावधान को लेकर इसकी आलोचना हुई है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि इससे मौजूदा कानूनी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।
शिक्षा मंत्रालय और मंत्री धर्मेंद्र प्रधान विपक्ष के निशाने पर
यह विधेयक लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्यों वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा जा चुका है। यह ऐसे समय में पेश किया जा रहा है जब NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्रालय और मंत्री धर्मेंद्र प्रधान विपक्ष के निशाने पर हैं। इसके अलावा, सरकार मानसून सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 सहित कई अन्य विधेयक पेश कर सकती है।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक
MSME संशोधन विधेयक का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए व्यापार को आसान बनाना, विलंबित भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना और एमएसई सुविधा परिषदों की भूमिका को मजबूत करना है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले, NEET-UG पेपर लीक, E20 ईंधन नीति और भारत की विदेश नीति जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में हैं। (ANI)
यह भी पढ़ेंः RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने दिया इस्तीफा, तेजस्वी यादव से आत्ममंथन की अपील