राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक Nitin Chandra की भोजपुरी-भाषा फिल्म Chhath को इस वर्ष के International Film Festival of India (IFFI 2025) के इंडियन पैनोरमा-सेक्शन में दर्शाया जाएगा।
फिल्म का महत्व
‘छठ’ भोजपुरी सिनेमा के लिए एक मील-पत्थर साबित हो सकती है क्योंकि इस चयन से यह भाषा-क्षेत्र की फिल्मों को उस मंच पर अवसर मिलता है जहाँ पूरे देश का फिल्म-परिदृश्य देखा जाता है।
नितिन चंद्र पहले भी भोजपुरी, मैथिली जैसी भाषाओं में फिल्मों के माध्यम से नए अनुभव देने का प्रयास कर चुके हैं।
इस चयन से यह संदेश मिलता है कि अब क्षेत्रीय भाषा की फिल्में सिर्फ स्थानीय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता पा रही हैं।
IFFI 2025 में क्या उम्मीदें हैं
IFFI 2025 में ‘छठ’ की स्क्रीनिंग दर्शकों, समीक्षकों और फिल्म-प्रेमियों के बीच खास चर्चा का विषय बनेगी। भोजपुरी सिनेमा की विविधता, उसकी कहानियों की गहराई और भाषा-मान्यताओं से निकलकर नए आयाम तलाशने की प्रवृत्ति इस चयन से बल पायेगी।
साथ ही यह असाधारण कदम उस फिल्मकार एवं निर्माता-ब्रॉउ के लिए एक बढ़ावा है, जो लंबे समय से गैर-मुख्यधारा भाषाओं में कला-सिनेमा बनाने का काम कर रहे हैं।
आगे क्या देखना है
फिल्म की कहानी, निर्देशन-शैली और प्रदर्शन की गुणवत्ता इस मंच पर जागरूक दर्शकों और समालकों द्वारा बारीकी से देखी जाएगी। यदि ‘छठ’ पूरे उत्साह के साथ अपनी प्रस्तुति देती है, तो यह कई अन्य भोजपुरी-भाषा फिल्मों के लिए प्रेरणा बन सकती है।
इसके साथ ही इस चयन ने दर्शकों में यह भी उम्मीद जगाई है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय भाषा की फिल्म-उत्पादन और प्रदर्शन के अवसर और बढ़ेंगे।
इस प्रकार, ‘छठ’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है—यह भोजपुरी सिनेमा की एक आवाज है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सुनने का मौका मिला है।