क्वेटा । बलूचिस्तान प्रांत में अलग-अलग स्थानों पर चार बलूच युवा मृत पाए गए हैं। इनमें वे छात्र भी शामिल हैं जिन्हें पहले सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने या लापता होने की बात सामने आई थी।
क्वेटा (बलूचिस्तान)। बलूचिस्तान प्रांत में अलग-अलग स्थानों पर चार बलूच युवा मृत पाए गए हैं। इनमें वे छात्र भी शामिल हैं जिन्हें पहले सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिए जाने या लापता होने की बात सामने आई थी।
दो दिनों में चार शवों की बरामदगी
‘बलूचिस्तान पोस्ट’ के मुताबिक बलूच एकजुटी कमेटी ने इन मौतों को न्यायेतर हत्याओं और जबरन गायब किए जाने की लगातार चल रही घटनाओं का हिस्सा बताया है। कमेटी का कहना है कि दो दिनों के भीतर विभिन्न जिलों से शव मिलने से लोगों में भय का माहौल बढ़ गया है। कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की अनिश्चितता में जी रहे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार यह कथित तौर पर ‘किल एंड डंप’ नीति का हिस्सा है, जिसमें हिरासत में लिए गए लोग बाद में मृत अवस्था में मिलते हैं।
जुनैद अहमद का मामला
सुराब के 22 वर्षीय ग्रेजुएशन छात्र जुनैद अहमद को 23 जनवरी को जबरन उठाया गया था। बाद में क्वेटा के एक अस्पताल से ईगल फोर्स और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के कर्मियों ने बिना वारंट हिरासत में लिया। कई हफ्तों बाद 15 फरवरी को उसका शव मिला, जिस पर गोली के निशान थे।
घर से उठाया, फिर गोली मारी
पंजगुर के मैट्रिक छात्र जंगीयान बलोच को 26 मई 2025 को उठाया गया था। परिवार का आरोप है कि इसमें फ्रंटियर कॉर्प्स और आईएसआई से जुड़े एक डेथ स्क्वाड का हाथ था। 15 फरवरी 2026 को उसका शव शापतान इलाके में मिला।
17 वर्षीय छात्र की हत्या
तुंप में 17 साल के छात्र मुहनास बलोच को 14 फरवरी को उसके घर से उठाया गया और कुछ दूरी पर ले जाकर गोली मार दी गई।
आठ महीने बाद मिला शव
एक अन्य छात्र नवाब अब्दुल्ला, जिसे मई 2025 में फ्रंटियर कॉर्प्स ने घर से उठाया था, उसका शव आठ महीने बाद 14 फरवरी को घर के बाहर फेंका हुआ मिला। कमेटी का कहना है कि ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं, बल्कि एक व्यवस्थित पैटर्न का हिस्सा हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
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