भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल जोनल कार्यालय ने जबलपुर के आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व उप संचालक जगदीश प्रसाद सरवटे के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में सख्त कदम उठाया है।
भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल जोनल कार्यालय ने जबलपुर के आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व उप संचालक जगदीश प्रसाद सरवटे के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामले में सख्त कदम उठाया है। ED ने सरवटे की 11.81 करोड़ रुपये मूल्य की कुल 9 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है।
अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। इस मामले की शुरुआत आर्थिक अपराध शाखा (EOW), जबलपुर द्वारा दर्ज की गई उस FIR के आधार पर हुई थी, जिसमें सरवटे पर अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था।
इन संपत्तियों की कुर्की
जब्त की गई संपत्तियों में आवासीय मकान, कृषि भूमि, व्यावसायिक जमीन और एक रेस्टोरेंट शामिल है। ये संपत्तियां मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों— भोपाल, मंडला, उमरिया और सिवनी में स्थित हैं।
पद पर रहते भ्रष्टाचार
जांच में सामने आया कि सरवटे ने विभाग में पदस्थ रहते हुए भ्रष्टाचार के जरिए अवैध धन कमाया और उसे अचल संपत्तियों को खरीदने में लगाया।
कई संपत्ति नगद भुगतान कर खरीदी
कई संपत्तियां भारी मात्रा में नकद भुगतान करके खरीदी गई थीं। इसके अलावा, कुछ संपत्तियों के लिए बैंक लोन लिया गया था, जिसे बाद में अज्ञात और संदिग्ध स्रोतों से आए नकद पैसों से चुकाया गया।
पद का दुरुपयोग
ED के अनुसार, आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' (अपराध की कमाई) पैदा की और फिर उसे लेयरिंग के माध्यम से वैध संपत्ति के रूप में दिखाने की कोशिश की।
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