लखनऊ। वेब सीरीज़ ‘घूसखोर पंडित’ के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ हजरतगंज पुलिस स्टेशन में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
लखनऊ वेब सीरीज़ ‘घूसखोर पंडित’ के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ हजरतगंज पुलिस स्टेशन में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और धार्मिक/जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। अभिनेता मनोज बाजपेयी स्टारर इस वेब सीरीज़ को लेकर विवाद सामने आने के बाद यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर की गई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जीरो टॉलरेंस एक्शन
लखनऊ कमिश्नरेट की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार की जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने या शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कंटेंट पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रचारित-प्रसारित की जा रही आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के निर्देशक के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर दर्ज की गई है।
समाज में वैमनस्य फैलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई समाज में वैमनस्य फैलाने, धार्मिक एवं जातिगत भावनाओं को आहत करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने के प्रयास के आरोप में की गई है। मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आपत्तिजनक शीर्षक और प्रचार सामग्री पर संज्ञान
थाना हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर प्रचारित हो रही उक्त आगामी फिल्म तथा सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे इसके कंटेंट पर संज्ञान लिया। पुलिस के अनुसार ‘घूसखोर पंडत’ नामक फिल्म का शीर्षक और इसकी प्रचार सामग्री प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक पाई गई है।
जातिगत भावनाएं आहत होने का दावा
एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि फिल्म का शीर्षक एक विशेष समुदाय/जाति (ब्राह्मण समाज) को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है। फिल्म के नाम और प्रचारित संवादों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
ब्राह्मण समाज और संगठनों में आक्रोश
फिल्म के नाम और सामग्री को लेकर ब्राह्मण समाज सहित कई सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखी गई है। कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी भी दी थी, जिससे सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी।
शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका
पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म के निर्देशक और उनकी टीम द्वारा समाज में वैमनस्य फैलाने और सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से फिल्म का प्रचार-प्रसार किया गया। इस तरह की सामग्री से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है।
मामले की जांच जारी
उपरोक्त तथ्यों और संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए थाना हजरतगंज पुलिस ने फिल्म के निर्देशक एवं उनकी टीम के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों, प्रचारित सामग्री तथा कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़े: रेपो रेट 5.25% पर यथावत, RBI का एलान
https://www.primenewsnetwork.in/india/rbi-keeps-repo-rate-unchanged-at-525/132202