कनाडा में भारत के पूर्व राजदूत संजय वर्मा ने निज्जर हत्या मामले में भारत पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर भारत की चिंताओं को दोहराया।
पटना (बिहार)। कनाडा में भारत के पूर्व राजदूत संजय वर्मा ने शुक्रवार को हरदीप सिंह निज्जर मामले पर भारत के रुख का बचाव करते हुए कहा कि हत्या से भारत को जोड़ने वाले आरोप "बेबुनियाद" और सबूतों से रहित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली ने खालिस्तानी चरमपंथी गतिविधियों के बारे में कनाडा को लगातार चेतावनी दी है।
आरोपों के पीछे नहीं हैं कोई सबूत
संजय वर्मा ने कहा, भारत पर लगाए गए आरोपों का कोई कानूनी आधार नहीं है और नई दिल्ली ने शुरू से ही इन्हें खारिज करने में दृढ़ता दिखाई है। उन्होंने कहा, "जो भी आरोप लगाए गए वे गंभीर थे, लेकिन उन आरोपों के पीछे कोई सबूत या तथ्य नहीं थे। कानूनी दृष्टि से 'विश्वसनीय सबूत' जैसा कुछ भी नहीं था, और भारत अपने रुख पर अडिग रहा। जब पहली बार आरोप लगाए गए थे, तब भी भारत ने कहा था कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है और बाद में इसे पूरी तरह से बेतुका बताया। भारत तब से लेकर आज तक इस बयान पर अडिग रहा है।"
कनाडा के आरोपों पर उठाए सवाल
कनाडा द्वारा अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश करने के सवाल के जवाब में वर्मा ने कहा, ऐसा कोई सबूत मौजूद नहीं है और उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में हाल के घटनाक्रमों का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "अगर हम हाल के घटनाक्रमों पर नज़र डालें, तो अमेरिका में एक 'संगठित अपराध समूह' की जांच चल रही थी। यह जांच पिछले तीन वर्षों में हुई, और कनाडा की जांच एजेंसियां भी इसमें शामिल थीं। उनकी जांच के नतीजे, और यह अमेरिकी निष्कर्ष है, यह हैं कि कनाडा में जिस आतंकवादी की आप बात कर रहे हैं, उसकी हत्या गिरोहवार, दो गुटों के बीच लड़ाई का नतीजा थी। यह कहा गया कि भारतीय सरकार, भारत, भारतीय अधिकारियों और भारतीय राजनयिकों का इसमें कोई हाथ नहीं था। यह बात अमेरिका ने कही है, और यह रिकॉर्ड में दर्ज है।"
RCMP के बयान का दिया हवाला
वर्मा ने रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के बयान का भी हवाला देते हुए कहा, "कनाडा की संघीय पुलिस, RCMP के उप आयुक्त ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि इस जांच में किसी भी भारतीय अधिकारी, भारत, भारतीय सरकार या भारतीय राजनयिक पर आरोप नहीं लगाया गया; उनका इसमें कोई हाथ नहीं था।"
उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रमों से यह "बिल्कुल स्पष्ट" हो गया है कि भारत, उसकी सरकार, अधिकारियों और राजनयिकों का हत्या में कोई हाथ नहीं था और आरोप लगाया कि घटना को गलत तरीके से पेश करके देश को बदनाम करने की कोशिश की गई है।
भारत की छवि को नुकसान के सवाल पर बोले वर्मा
क्या इन आरोपों से भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा है, इस सवाल पर वर्मा ने कहा कि कनाडा के नेतृत्व [पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो] के शुरुआती दावे भले ही विश्वसनीय लगे हों, लेकिन समय के साथ उनका महत्व कम हो गया।
उन्होंने कहा, “शुरुआत में, अगर किसी लोकतांत्रिक देश का नेता, उस समय कनाडा के प्रधानमंत्री, कोई आरोप लगाता है, तो ज़्यादातर लोग यही सोचेंगे कि उसमें कुछ सच्चाई ज़रूर होगी। लेकिन जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा और लोगों ने इसे अलग-अलग पहलुओं से परखा, तो दुनिया भर में, यहाँ तक कि 'फाइव आइज़' (विदेशी देश) भी इस नतीजे पर पहुँचे कि यह एक बेतुका बयान था। उस बयान के आधार पर भारत पर आरोप लगाना सरासर बकवास है।”
खालिस्तानी गतिविधियों पर पहले से जताई थी चिंता
खालिस्तानी गतिविधियों पर चिंता जताते हुए पूर्व राजनयिक ने कहा कि भारत की चिंताएं निज्जर कांड से पहले की हैं और 1985 में एयर इंडिया की फ्लाइट 182 पर हुए बम धमाके से जुड़ी हैं। वर्मा ने कहा “भारत तब से लगातार और बार-बार कनाडा को बताता रहा है कि वहाँ खालिस्तानियों द्वारा भारत विरोधी गतिविधियाँ होती हैं। भारत ने कनाडा से कई बार प्रत्यर्पण के अनुरोध किए हैं, लेकिन अब तक एक भी सफल नहीं हुआ है। ऐसा नहीं है कि भारत ने इस हत्या के बाद खालिस्तान के बारे में बात करना शुरू किया। भारत शुरू से ही खालिस्तान के बारे में बात करता रहा है।”
खालिस्तानी समूहों को बताया सुरक्षा चुनौती
उन्होंने आगे दावा किया कि खालिस्तानी चरमपंथी समूह कनाडा के भीतर भी एक सुरक्षा चुनौती बन गए हैं। उन्होंने कहा, “ये आतंकवादी, जिन्हें कनाडा 'कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथी' कहता है, जबरन वसूली, नफरत फैलाने वाले अपराध, हमले और हत्याएं कर रहे हैं। भारत की संप्रभुता को जब भी कोई खतरा होता है, भारत जानता है कि अपनी रक्षा कैसे करनी है।”
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया के बाद आई टिप्पणी
ये टिप्पणियां विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा अमेरिकी न्याय विभाग की उन घोषणाओं पर ध्यान देने के बाद आई हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ अभियोग और प्रवर्तन कार्रवाई की बात कही गई है। (Source- ANI)
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