प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

दिल्ली विस्फोट मामला:

लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट की फोरेंसिक रिपोर्ट अदालत में पेश

अदालत ने मृतकों के संबंध में एनआईए द्वारा दायर फोरेंसिक रिपोर्ट को जांच के लिए सूचीबद्ध किया।

लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट की फोरेंसिक रिपोर्ट अदालत में पेश

Forensic report on the massive explosion near the Red Fort submitted in court |

नई दिल्ली,(भारत)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट से जुड़े मामले में शवों के अंगों की फोरेंसिक रिपोर्ट अदालत में पेश की है। अदालत ने इस रिपोर्ट की जांच के लिए मामले को सूचीबद्ध करते हुए अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की है।

11 लोगों की हुई थी मौत

एनआईए के अनुसार, यह विस्फोट एक उच्च तीव्रता वाला वाहन-जनित आईईडी (VBIED) था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए, साथ ही आसपास की संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा। मामले में गिरफ्तार नौ आरोपियों को विशेष एनआईए न्यायाधीश पीतांबर दत्त के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत अगली तारीख तक बढ़ा दी।

10 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

एजेंसी पहले ही 10 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जिसमें शाहीन सईद सहित अन्य नाम शामिल हैं। इसके अलावा जमीर अहमद अहनगर और तुफैल अहमद भट के खिलाफ पूरक आरोपपत्र भी एनआईए अदालत में विचाराधीन है। दोनों को फरवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था।

कथित रूप से अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद से जुड़े आरोपी

एनआईए का आरोप है, कि जमीर और तुफैल हथियार और गोला-बारूद जमा कर रहे थे, जबकि उमर, इरफान और आदिल ने उन्हें हथियार उपलब्ध कराए थे। ये सभी कथित रूप से अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGUH) से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह मामला 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट से संबंधित है। इससे पहले 14 मई को एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया था।

सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज

आरोपियों पर यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज है। एजेंसी के अनुसार, यह समूह कथित तौर पर अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा था और इसका उद्देश्य हिंसक गतिविधियों के जरिए एक बड़ा षड्यंत्र रचना था।

मृतक आरोपी उमर उन नबी की पहचान की पुष्टि

जांच में हथियारों की अवैध खरीद, विस्फोटक पदार्थ टीएटीपी (TATP) के निर्माण और अन्य उग्रवादी गतिविधियों के सबूत मिलने का दावा किया गया है। फोरेंसिक जांच, डीएनए और वॉइस एनालिसिस के जरिए मृतक आरोपी उमर उन नबी की पहचान की पुष्टि की गई है। (एएनआई)

यह भी पढ़ेंः बलरामपुर में आमने-सामने भिड़ीं दो बाइकें; एक युवक की मौके पर मौत; तीन जिंदगी से जूझ रहे

Related to this topic: