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दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू

दिल्ली-NCR में हवा की क्वालिटी 'खराब' कैटेगरी में पहुंचने पर GRAP स्टेज 1 लागू

दिल्ली-NCR में AQI 244 पर पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-1 लागू कर दिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।

दिल्ली-ncr में हवा की क्वालिटी खराब कैटेगरी में पहुंचने पर grap स्टेज 1 लागू

GRAP Stage 1 Implemented in Delhi-NCR as AQI Rises to 244 |

नई दिल्ली (भारत)। दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बुधवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया। यह फैसला वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित उप-समिति की बैठक में लिया गया। आदेश के अनुसार, GRAP-1 के तहत निर्धारित उपाय पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएंगे। संबंधित एजेंसियों को इन उपायों की निगरानी और समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली का AQI 179 से बढ़कर 244 पर पहुंचा

CAQM के आदेश के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 20 अक्टूबर 2026 को 179 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसके बाद 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे AQI बढ़कर 244 पर पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना है। इसी स्थिति को देखते हुए GRAP का पहला चरण लागू करने का निर्णय लिया गया।

NCR में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की निगरानी के निर्देश

CAQM ने आदेश में कहा कि पूरे NCR में संबंधित एजेंसियां GRAP-1 के तहत निर्धारित उपायों को लागू करेंगी। इन उपायों की निगरानी और समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, ताकि वायु गुणवत्ता और अधिक खराब न हो। सभी संबंधित एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखने और निर्धारित उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से भी GRAP-1 के तहत जारी नागरिक दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया जा सकता है।

वायु गुणवत्ता की स्थिति पर नजर रखेगी CAQM की उप-समिति

CAQM की उप-समिति दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार नजर रखेगी। आदेश के अनुसार, AQI के स्तर और IMD तथा IITM के पूर्वानुमानों के आधार पर समय-समय पर हालात की समीक्षा की जाएगी। जरूरत के अनुसार आगे के कदम उठाने पर निर्णय लिया जाएगा। इसका उद्देश्य वायु गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकने के लिए निर्धारित उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने पिछले वर्षों के प्रदूषण पर जताई चिंता

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में दिल्ली की हवा काफी प्रदूषित हुई है। सिरसा ने पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे प्रदूषण के लिए पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को जिम्मेदार ठहराती रहीं, लेकिन इस अवधि में ठोस कदम नहीं उठाए गए।

इस साल 214 दिन अच्छी या मध्यम हवा दर्ज होने का दावा

मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि इस साल दिल्ली में 214 दिन अच्छी या मध्यम श्रेणी की वायु गुणवत्ता दर्ज की गई, जो पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से प्रभावित वर्ष को छोड़कर यह आंकड़ा पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड है। सिरसा के मुताबिक, यह उपलब्धि सरकार के प्रयासों और दिल्ली के लोगों की सक्रिय भागीदारी तथा सहयोग से संभव हुई है।

धूल नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय लागू किए हैं। उन्होंने दीर्घकालिक योजनाओं में दिल्ली की सड़कों से धूल हटाने और सभी सड़कों की पूरी तरह कारपेटिंग करने का उल्लेख किया। इसके अलावा, उन्होंने आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाले वाहनों से धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने को भी सरकार के प्रयासों का हिस्सा बताया। (Source: ANI)

दिल्ली-NCR में GRAP-1 और AQI से जुड़े 5 महत्वपूर्ण FAQ

1. दिल्ली-NCR में GRAP-1 क्या है?

GRAP का पूरा नाम Graded Response Action Plan है। यह वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू की जाने वाली चरणबद्ध कार्ययोजना है। इसके पहले चरण यानी GRAP-1 को AQI के 201 से 300 के बीच पहुंचने पर लागू किया जाता है। इसके तहत धूल नियंत्रण, कचरा जलाने पर रोक और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों पर निगरानी जैसे उपाय किए जाते हैं। 

2. AQI क्या है और इसका स्तर 244 होने का क्या मतलब है?

AQI का पूरा नाम Air Quality Index यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक है। इससे हवा में प्रदूषण के स्तर का पता चलता है। 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे दिल्ली का AQI 244 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इस स्तर पर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-1 के उपाय लागू किए गए। 

3. AQI की कौन-कौन सी श्रेणियां होती हैं?

AQI को प्रदूषण के स्तर के आधार पर छह श्रेणियों में बांटा जाता है:

0–50: अच्छा (Good)

51–100: संतोषजनक (Satisfactory)

101–200: मध्यम (Moderate)

201–300: खराब (Poor)

301–400: बहुत खराब (Very Poor)

401–500: गंभीर (Severe) 

4. GRAP-1 लागू होने पर कौन-से प्रतिबंध और उपाय लागू होते हैं?

GRAP-1 के तहत सड़कों की मैकेनिकल सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण जैसे उपाय किए जाते हैं। खुले में कचरा जलाने पर रोक को सख्ती से लागू किया जाता है। इसके अलावा, होटलों और रेस्तरां के तंदूर में कोयले और लकड़ी के ईंधन के इस्तेमाल पर रोक तथा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी जैसे कदम भी शामिल हैं। 

5. दिल्ली-NCR में GRAP-1 क्यों लागू किया गया और आगे क्या होगा?

दिल्ली का AQI 20 अक्टूबर 2026 को 179 से बढ़कर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे 244 हो गया था। इसके बाद वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे NCR में GRAP-1 लागू किया। IMD और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रह सकती है। CAQM की उप-समिति स्थिति की निगरानी और समीक्षा करेगी।

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