कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से उपजी चिंताओं और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए दुनिया भर के आईटी दिग्गजों का आज से नई दिल्ली में जमावड़ा होगा।
नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से उपजी चिंताओं और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए दुनिया भर के आईटी दिग्गजों का आज से नई दिल्ली में जमावड़ा होगा। पांच दिन का इंडिया एआई (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) इम्पैक्ट समिट सोमवार से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होने जा रहा है। यह शिखर सम्मेलन एआई के मुद्दे पर ग्लोबल साउथ की चिंताओं एवं अपेक्षाओं के साथ उसकी आवाज को बुलंद करने वाला ऐसा पहला आयोजन होगा। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट कई अन्य विकासशील देशों के समान भारत के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा जिसमें सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति के लिए एआई संसाधन सभी को सुलभ कराने पर जोर दिया गया है ताकि उसे अधिक मानव केंद्रित बनाया जा सके।
पीएम करेंगे उद्घाटन, बड़े नेता होंगे शामिल
समिट में मानवता की सेवा, समावेशी विकास को गति देने और धरती की रक्षा करने वाले जन-केंद्रित नवाचारों को प्रोत्साहित करने में एआई की प्रभावी भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को भारत मंडपम में इस पांच दिवसीय भारत-एआई इंपैक्ट समिट "एक्सपो-2026" का उद्घाटन करेंगे। इसमें 20 देशों के शासनाध्यक्ष और कई कंपनियों के सीईओ समेत अन्य प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
100 से अधिक देशों की भागीदारी
नवंबर, 2023 में ब्रिटेन में शुरू हुआ एआई सम्मेलन पहली बार भारत में हो रहा है। हाल के वर्षों में भारत वैश्विक मंचों पर वैश्विक दक्षिण की बुलंद आवाज बनकर उभरा है। सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा समेत 20 देशों के शासनाध्यक्ष, 50 से ज्यादा विदेश मंत्री और 40 से अधिक वैश्विक और भारतीय टेक कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं।
सेफ्टी से आगे बढ़कर समावेशिता पर जोर
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा, एआई का विकास जन-केंद्रित और समावेशी होना चाहिए। एआई संसाधनों तक लोकतांत्रिक पहुंच होनी चाहिए। आईटी विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह दृष्टिकोण पहले के एआई शिखर सम्मेलनों के विपरीत है जहां विकसित देशों की चिंताओं और सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर जोर दिया गया था। पहले शिखर सम्मेलन को एआई सेफ्टी समिट नाम से नवंबर 2023 में ब्रिटेन के ब्लेचली पार्क में आयोजित किया गया था। उस शिखर सम्मेलन में बातचीत इस बात पर केंद्रित थी कि फ्रंटियर एआई मॉडल से मानवता को क्या जोखिम है। साथ ही इस मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया था कि इस प्रौद्योगिकी के उपयोग को समाज के अधिक फायदे और कम नुकसान के लायक बनाने के लिए सरकारों को क्या कानून बनाना चाहिए।
मई 2024 में दक्षिण कोरिया में आयोजित हुआ था दूसरा सेफ्टी समिट
ब्लेचली पार्क समिट के बाद दूसरा सेफ्टी समिट मई 2024 में दक्षिण कोरिया में आयोजित किया गया था। उसके बाद फरवरी 2025 में पेरिस में एआई एक्शन समिट का आयोजन हुआ जो सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित था। एक अधिकारी ने कहा कहा, 'पिछले तीन वर्षों के दौरान एआई के प्रभाव का दायरा महज सुरक्षा एवं कार्रवाई के बारे में चिंता तक ही सीमित नहीं रह गया है। अब नवाचार, भविष्य में काम-काज का स्वरूप, विकास, एआई की सर्वसुलभता, समाज की भलाई और ग्लोबल साउथ जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने लगी है।'
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