भारत अगले दो सालों में $200 बिलियन से ज़्यादा के इन्वेस्टमेंट की उम्मीद कर रहा है। यह बातें केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में कही।
नई दिल्ली। भारत अगले दो सालों में $200 बिलियन से ज़्यादा के इन्वेस्टमेंट की उम्मीद कर रहा है। यह बातें केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में कही। उन्होंने कहा कि देश के AI और डीप टेक इकोसिस्टम में दुनिया भर में मज़बूत दिलचस्पी देखी जा रही है।
तीन तरह के निवेश के अवसर
राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित समिट के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा, "तीन तरह की दिलचस्पी दिख रही है। पहला है इन्वेस्टमेंट, अगले दो सालों में 200 बिलियन डॉलर से ज़्यादा के इन्वेस्टमेंट की उम्मीद है। दूसरी है वेंचर केपिटल के जरिए डीप टेक फंडिंग। और तीसरी तरह का इन्वेस्टमेंट भारत की इनोवेटिवनेस और भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है।"
ग्लोबल CEOs की भारत में दिलचस्पी
टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क की भूमिका के बारे में बता करते हुए उन्होंने कहा कि, "डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक बहुत अच्छा टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क तैयार हुआ है। इस फ्रेमवर्क की वजह से, भारत में AI का विस्तार तेज़ हो सकता है। यही सबका मानना है।" मंत्री ने कहा कि ग्लोबल CEOs भारत में इन्वेस्ट करने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, खासकर डीप टेक स्टार्टअप्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में। उन्होंने कहा, "भारत में इन्वेस्ट करने में बहुत दिलचस्पी है, खासकर भारतीय डीप टेक स्टार्टअप्स में, इंफ्रा में, और आबादी के हिसाब से नए सॉल्यूशन खोजने में भी। क्योंकि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में यह डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है, उससे ऐसे समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने में बड़ी सुविधा मिलती है।"
युवाओं और रिसर्चर्स में उत्साह
उन्होंने कहा, "AI समिट में बहुत उत्साह है। तीन लाख से ज़्यादा युवाओं, रिसर्चर्स और छात्रों ने रजिस्टर किया है और सभी सेशन फुल चल रहे हैं। वे हाउसफुल हैं। बहुत उत्साह है, और खासकर युवाओं में। इस समिट के ज़रिए पूरे देश में एक नई उर्जा है। AI का इस्तेमाल कर, आबादी के हिसाब से बड़ी समस्याओं को कैसे हल किया जाए, ऐसा उत्साह यहां युवाओं में देखा जा रहा है।" उन्होंने इकॉनमी और समाज में बड़ी समस्याओं को हल करने और साथ ही टेक्नोलॉजी के नुकसान को रोकने की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, "इन दोनों में बैलेंस बनाकर, हमें इस नई टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ना होगा।"
वैश्विक सहयोग और नीति चर्चा
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट ने पॉलिसीमेकर्स, ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स, इन्वेस्टर्स और इनोवेटर्स को एक साथ लाया है, जिसमें टेक्नोलॉजी से जुड़े संभावित रिस्क को देखते हुए बड़े पैमाने पर इकॉनमिक और सोशल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए AI का इस्तेमाल करने पर चर्चा हुई। गैरतलब है कि गुरुवार को प्रधानमंत्री समिट का उद्घाटन भाषण देंगे, जिसमें वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने और एआई के समावेशी, विश्वसनीय और विकासोन्मुखी उपयोग के लिए भारत के विजन को रेखांकित किया जाएगा।
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