भारतीय सेना और वायुसेना पुराने चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों की जगह लेने के लिए करीब 200 स्वदेशी LUH हेलीकॉप्टर खरीदने की तैयारी में हैं। परियोजना की लागत 20,000 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली (भारत)। नई दिल्ली में भारतीय सेना और वायुसेना अपने पुराने चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों के बेड़े को बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसके तहत दोनों सेनाएं हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से करीब 200 स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) खरीदने की तैयारी में हैं। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता मजबूत होने के साथ देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना की कुल लागत 20,000 करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।
200 हल्के मल्टीरोल हेलीकॉप्टरों को मंजूरी
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना और वायुसेना के लिए 200 लाइट मल्टीरोल हेलीकॉप्टर (LMRH) खरीदने के 20,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने अपनी बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी। योजना के अनुसार, इन हेलीकॉप्टरों का निर्माण भारत में किया जाएगा और इसमें भारतीय कंपनियों की प्रमुख भूमिका होगी। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, अनुबंध को L1 और L2 कंपनियों के बीच बांटने पर भी विचार किया जा सकता है।
HAL ने बनाए 12 LUH हेलीकॉप्टर
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, HAL अब तक 12 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर बना चुका है, जबकि 187 अन्य हेलीकॉप्टरों के ऑर्डर पाइपलाइन में हैं। इनकी संख्या मिलाकर कुल 199 हेलीकॉप्टर हो जाएगी। LUH को भारतीय सशस्त्र बलों में इस्तेमाल हो रहे पुराने चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इस परियोजना से स्थानीय लघु और मध्यम उद्योगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
टाटा और अडानी समूह की हो सकती है अहम भूमिका
हल्के मल्टीरोल हेलीकॉप्टरों की खरीद प्रक्रिया में भारतीय निजी कंपनियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, टाटा समूह अपने साझेदार एयरबस के साथ और अडानी समूह इटली की कंपनी लियोनार्डो के साथ इस परियोजना में शामिल हो सकते हैं। अमेरिका की बेल हेलीकॉप्टर्स भी इस खरीद प्रक्रिया में अपने हेलीकॉप्टर की पेशकश कर सकती है। योजना के तहत निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से हेलीकॉप्टरों की खरीद की जाएगी।
LUH हेलीकॉप्टर की खासियतें
HAL का LUH तीन टन श्रेणी का नई पीढ़ी का हेलीकॉप्टर है। इसमें मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले वाला ग्लास कॉकपिट दिया गया है और यह टर्बोशाफ्ट इंजन से संचालित होता है। इसे अधिक ऊंचाई वाले कठिन इलाकों में मिशन को अंजाम देने के लिए विकसित किया जा रहा है। हेलीकॉप्टर की प्रस्तावित क्षमता 220 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति, 6.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान और 500 किलोग्राम पेलोड के साथ 350 किलोमीटर की दूरी तय करने की है।
पुराने चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों की जगह लेंगे नए विमान
भारतीय रक्षा बलों को पुराने चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों को बदलने के लिए करीब 400 हल्के हेलीकॉप्टरों की जरूरत है। आने वाले कुछ वर्षों में लगभग 400 पुराने हेलीकॉप्टरों को सेवा से हटाया जाना है। भारत ने 2014 में इस बेड़े को बदलने के लिए रूस के Ka-226 हेलीकॉप्टर को चुना था, लेकिन यह कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। इससे पहले जारी किए गए टेंडर भी विभिन्न कारणों से रद्द करने पड़े थे।
सीमावर्ती इलाकों में निगरानी के लिए अहम हैं हल्के हेलीकॉप्टर
हल्के हेलीकॉप्टर भारतीय रक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनका इस्तेमाल उत्तर में सियाचिन से लेकर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश तक सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और रेकी के लिए किया जाता है। नए हेलीकॉप्टरों की खरीद से पुराने बेड़े को बदलने और सैन्य अभियानों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। भारतीय नौसेना भी खोज और बचाव सहित अन्य अभियानों के लिए हल्के समुद्री हेलीकॉप्टर खरीद रही है। (Source: ANI)
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