इंदौर। इंदौर-खंडवा रेल परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। लंबे समय से अटके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के संवेदनशील घाट सेक्शन में काम का रास्ता साफ हो गया है।
इंदौर। इंदौर-खंडवा रेल परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। लंबे समय से अटके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के संवेदनशील घाट सेक्शन में काम का रास्ता साफ हो गया है। लक्ष्य है कि 2028 के सिंहस्थ से पहले इंदौर-खंडवा के बीच सीधी रेल सेवा शुरू कर दी जाए, जिससे यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से मिली मंजूरी
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद डॉ. अंबेडकर नगर (महू) से ओंकारेश्वर रोड के बीच करीब 454 हेक्टेयर वन भूमि पर रेल ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह हिस्सा परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील भाग माना जाता है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर 18 टनल बनेंगे
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए घाट सेक्शन में 18 टनल (सुरंग) बनाई जाएंगी। इससे लगभग 17 हजार पेड़ों की कटाई टाली जा सकेगी। रेलवे और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
इंदौर-खंडवा यात्रा कम होगी, माल परिवहन को गति
परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर से खंडवा के बीच यात्रा समय में कमी आएगी और माल एवं यात्री परिवहन को गति मिलेगी। सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के मद्देनजर यह रेल लाइन बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। घाट सेक्शन में जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
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