1952 से लेकर अब तक सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा इंदौर का महाराजा यशवंत राव हॉस्पिटल अब नए स्वरूप में 1450 बेड के साथ अपग्रेड होने जा रहा है।
इंदौर एमवाय अस्पताल होगा 1450 बेड वाला
1952 से लेकर अब तक सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा इंदौर का महाराजा यशवंत राव हॉस्पिटल अब नए स्वरूप में 1450 बेड के साथ अपग्रेड होने जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 773.007 करोड़ की लागत से बनने जा रहे अस्पताल के नवीन भवन का भूमि पूजन किया।
70 साल पुराने अस्पताल का कायाकल्प
इंदौर का महाराजा यशवंत राव हॉस्पिटल सात मंजिला इमारत है, जिसे अब नए सिरे से बनाया जा रहा है। करीब 70 साल पुराना यह अस्पताल महाराजा यशवंत राव होलकर द्वारा बनवाया गया था, जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र रहा है। अब यहां अस्पताल की नई बिल्डिंग बनने जा रही है।
भूमि पूजन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन
इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में पिछले 11 वर्षों से लगातार वृद्धि हो रही है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में नए-नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए दिन-रात प्रयास कर रही है। पिछले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है।
मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। यह कार्यक्रम रविवार को आयोजित किया गया।
बोनमेरो और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह इंदौर शहर प्रदेश का गौरव है, उसी तरह एमवाय अस्पताल की भी मध्य प्रदेश में विशिष्ट पहचान है।
पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा लाभ
1450 बिस्तरीय अस्पताल बनने से न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एमवाय अस्पताल में बोनमेरो और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है।
निर्माण गुणवत्ता पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को नए अस्पताल भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
नए अस्पताल का विस्तृत सेटअप
मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में विभिन्न विभागों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त वार्ड बनाए जाएंगे।
विभागवार बेड की व्यवस्था
मेडिसिन वार्ड में 330, सर्जरी में 330, ऑर्थोपेडिक्स में 180, शिशु रोग सर्जरी में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक-कान-गला विभाग में 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 और इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में 180 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
निर्माण कार्य पर होने वाला खर्च
नए अस्पताल भवन के 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर कुल 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे।
अन्य सुविधाओं पर भी करोड़ों का निवेश
इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग हॉस्टल पर 21.37 करोड़, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम पर 1.60 करोड़, सार्वजनिक पार्किंग पर 31.50 करोड़, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवॉल और सोलर पैनल पर 25.53 करोड़ तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, प्लंबिंग और वाटर सप्लाई कार्यों पर लगभग 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
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