वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने कहा कि LCA Mk-1A की डिलीवरी में काफी देरी हुई है। IAF मौजूदा क्षमता संबंधी कमियों को दूर करने के लिए Mk-2 पर भी विचार कर रही है।
नई दिल्ली (भारत)। भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तेजस एलसीए एमके-1ए की डिलीवरी में हुई देरी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस बार देरी उम्मीद से काफी ज्यादा हुई है। साथ ही, वायु सेना एलसीए एमके-2 पर भी विचार कर रही है, ताकि मौजूदा परिचालन जरूरतों और क्षमता संबंधी कमियों को पूरा किया जा सके।
HAL पर जुर्माने के सवाल पर क्या बोले एपी सिंह
जब एपी सिंह से LCA Mk-1A की डिलीवरी में देरी के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर जुर्माना लगाए जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि रक्षा कार्यक्रमों में देरी हो सकती है। हालांकि, उन्होंने मौजूदा देरी को काफी अधिक बताया और कहा कि वायु सेना Mk-2 संस्करण पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा, “ऐसा होता है कि आप कुछ योजना बनाते हैं, लेकिन उसमें देरी हो जाती है। लेकिन इस बार देरी बहुत ज्यादा हुई है। हम Mk-2 संस्करण पर भी विचार कर रहे हैं। ये सभी मौजूदा कमियों को पूरा करने में सक्षम होंगे।”
रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर
वायु सेना प्रमुख ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संघर्षों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के बीच देश को विदेशी स्रोतों पर अपनी निर्भरता कम करने की आवश्यकता है। सिंह ने आत्मनिर्भरता को मौजूदा समय में अनिवार्य आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा, “आज के समय में आत्मनिर्भरता एक अनिवार्य आवश्यकता है। और हमारे लिए यह एक आवश्यकता है। आत्मनिर्भरता एक आवश्यकता है।”
LCA और AMCA कार्यक्रमों का किया उल्लेख
एपी सिंह ने स्वदेशी रक्षा कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए LCA कार्यक्रम के Mk-1A और Mk-2 वेरिएंट के साथ-साथ एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में चल रही स्वदेशी परियोजनाओं को गिनाया। स्वदेशी कार्यक्रमों में वायु सेना की भूमिका पर सिंह ने कहा, “हमारी भागीदारी निरंतर है और हम पूरा समर्थन दे रहे हैं।” (Source: ANI)
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