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ऑक्सीजन प्लांट बंद, आपराधिक लापरवाही

लंबे समय से ऑक्सीजन प्लांट का बंद रहना आपराधिक लापरवाही

एमपी मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. ए.पी. सिंह ने कहा कि लंबे समय तक ऑक्सीजन प्लांट बंद रहना मानवाधिकार उल्लंघन और आपराधिक लापरवाही है।

लंबे समय से ऑक्सीजन प्लांट का बंद रहना आपराधिक लापरवाही

Criminal Negligence |

भोपाल। मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग (MPHRC) के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को कहा कि लंबे समय तक ऑक्सीजन प्लांट का गैर-कार्यात्मक (Non-Functional) रहना मानवाधिकारों का उल्लंघन है और इसे आपराधिक लापरवाही माना जाएगा।

ऑक्सीजन प्लांट का उपयोग इलाज में तीन साल बाद भी नहीं

उन्होंने बताया कि गैस राहत अस्पताल (Gas Relief Hospital) में वर्ष 2023 में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण किया गया था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी इसका उपयोग मरीजों के इलाज में नहीं किया गया।

महिलाओं की सोनोग्राफी पर असर

डॉ. सिंह ने अस्पताल में योग्य रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। इसका असर विशेष रूप से महिलाओं की सोनोग्राफी सेवाओं पर पड़ रहा है।उन्होंने कहा, अस्पताल में बना मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी पिछले तीन वर्षों से उपयोग में नहीं लाया गया है और सार्वजनिक धन से बनने के बावजूद यह जर्जर अवस्था में पड़ा हुआ है।

रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई

आयोग को अस्पताल से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अब लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सिंह ने अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे इन अनियमितताओं पर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करें।

यहां भी विफलता

अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि CPA (निर्माण एजेंसी) ऑपरेशन थिएटर की छत से गिर रहे प्लास्टर की मरम्मत और दीवारों में लगी दीमक की समस्या को ठीक करने में विफल रही।

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