कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अल्पसंख्यों के प्रति “हितैषी” होने के साथ-साथ हिंदुओं के प्रति भी “हितैषी” होने की छवि बनाने के फिक्र करने लगी हैं।
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अल्पसंख्यों के प्रति “हितैषी” होने के साथ-साथ हिंदुओं के प्रति भी “हितैषी” होने की छवि बनाने के फिक्र करने लगी हैं। उन्होंने शिवरात्रि के मौके पर दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले पंद्रह सालों में तमाम धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार और विकास किया है।
मंदिर विकास पर ममता का जोर
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी के प्रसिद्ध जलपेश मंदिर समेत कई मंदिरों का जीर्णोद्धार किया है। जलपेश मंदिर में शिव भक्तों की सुविधा के लिए स्काईवाक का निर्मांण किया गया है। हावड़ा के कुछ ही दूर हुगली जिले के तारकेश्वर में तारकेश्वर मंदिर के आसपास बुनियादी ढांचे के विकास और सौंदर्यीकरण बाबत तारकेश्वर विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चमी मेदिनीपुर, बर्दवान, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, बीरभूम समेत तमाम जिलों में शिव मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास किए गए हैं। उत्तर बंगाल के केंद्र सिलीगुड़ी में मकाकाल मंदिर का निर्माण हो रहा है जहां शिव की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
दीघा-सागरद्वीप मंदिर योजना
जानकारों के मुताबिक ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर समुद्र के किनारे पूर्व मेदिनीपुर के दीघा में एक दूसरा जगन्नाथ मंदिर बनाने और उसकी वजह से दीघा का पर्यटन स्थल के रूप में विकास होने से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफी चर्चित हुई। अब राज्य सरकार कोलकाता महानगर के न्यू टाउन में भव्य दुर्गा मंदिर का निर्माण करवा रही है। सुंदरवन के तहत सागरद्वीप में कपिल मुनि के मंदिर और गंगा सागर मेले के विस्तार और सागरद्वीप जाने के लिए उसके और काकद्वीप के बीच पुल के निर्माँण हो रहा है।
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