गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि भारत सरकार ने तुर्की से नार्को-किंगपिन नवप्रीत सिंह को डिपोर्ट करा लिया है। साथ ही अरब सागर में 526 किलो ड्रग्स जब्ती का भी जिक्र किया।
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बताया की कि सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान के तहत वांछित नार्को-ट्रैफिकिंग किंगपिन नवप्रीत सिंह को तुर्की से भारत डिपोर्ट करा लिया है। यह कार्रवाई भारत सरकार के उस देशव्यापी अभियान का हिस्सा है जिसके तहत 2029 से पहले देश को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए गृह मंत्री ने खुलासा किया कि आरोपी नवप्रीत सिंह ने 'नवाब विर्क' की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर तुर्की की नागरिकता हासिल कर ली थी। इसके बाद वह अफगानिस्तान के रास्ते भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) जैसे खतरनाक ड्रग्स की तस्करी का नेटवर्क चला रहा था।
एजेंसियों ने खोली एक-एक परत
गृह मंत्री शाह ने अपने पोस्ट में लिखा, "हमारी एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पर्दाफाश करने के लिए एक-एक परत को खंगाला और उसका ठिकाना ढूंढ निकाला, जिसके बाद उसका डिपोर्टेशन सुनिश्चित किया गया। आज उसे भारत वापस लाया गया है और ड्रग तस्करी व अन्य आपराधिक मामलों में सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।" इसके साथ ही उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देने वाली सभी भारतीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को बधाई दी।
2029 तक देश को नशा मुक्त करने का संकल्प
ड्रग्स के अवैध कारोबार पर कड़ा रुख अपनाते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने दोहराया कि केंद्र सरकार देश से हर एक नार्को-कार्टेल का नामोनिशान मिटाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर एक नार्को-कार्टेल को नेस्तनाबूद करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
अरब सागर में 526 किलो ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त
इससे पहले, ड्रग्स के खिलाफ एक अन्य बड़ी कार्रवाई का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने बुधवार को अरब सागर में हुई एक बड़ी जब्ती की सराहना की थी। उन्होंने बताया कि गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS), भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद की गई है। इस कार्रवाई के दौरान नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया।
शाह ने 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा, "मोदी सरकार अपने युवाओं को ड्रग्स के इस नासूर से बचाने के लिए पूरी तरह दृढ़ संकल्पित है। भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में लक्षद्वीप से 160 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम और मुंबई से 490 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में यह ज्वॉइंट ऑपरेशन चलाया गया।"
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की हो रही है जांच
गृह मंत्री ने आगे बताया कि गिरफ्तार किए गए पांचों पाकिस्तानी नागरिकों से पूछताछ की जा रही है। इस संदिग्ध ड्रग-तस्करी सिंडिकेट के बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और भारत में इसके 'इंटेंडेड रिसीवर्स' (ड्रग्स लेने वाले स्थानीय संपर्क) का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है। एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल और सहयोग का बेहतरीन उदाहरण पेश करने वाले इस 16 दिन लंबे चले ऑपरेशन ने ड्रग्स के अवैध कारोबार को तगड़ा झटका दिया है।
(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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