बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष की मांगों की तुलना रावण के 10 सिरों से की। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए बीजेपी और RSS पर संविधान-विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया।
Sudhanshu Trivedi Compares Opposition Demands to Ravana's 10 Heads, Pawan Khera Hits Back |
नई दिल्ली (भारत)। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहे विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की मांगों की तुलना रामायण के रावण के दस सिरों से की। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कुछ समूहों की मांगें लगातार बदलती रहती हैं और एक मांग पूरी होने पर दूसरी मांग सामने आ जाती है। उनके इस बयान पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी और सत्ताधारी पार्टी पर संविधान-विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया।
'एक मांग पूरी होती है, तो दूसरी सामने आ जाती है'
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी समूहों की मांगें रावण के दस सिरों की तरह हैं। उन्होंने कहा, "असल में, रावण की तरह - जिसके दस सिर थे - अगर एक सिर काट दिया जाता, तो तुरंत दूसरा सिर निकल आता था। इनकी मांगें भी कुछ ऐसी ही हैं: एक मांग पूरी करो, तो दूसरी तुरंत उसकी जगह ले लेती है।"
त्रिवेदी ने आगे दावा किया कि इन मांगों के पीछे एक मुख्य केंद्र है, जिसे आंदोलनों में बार-बार इस्तेमाल होने वाले शब्दों और शब्दावली के आधार पर पहचाना जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे ऐसी ताकतें हैं, जो भारत को नष्ट करना चाहती हैं।
विपक्षी समूहों पर भेष बदलकर काम करने का आरोप
सुधांशु त्रिवेदी ने रावण के सीता हरण का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि देश-विरोधी ताकतें अपनी असली मंशा छिपाकर काम करती हैं। उन्होंने कहा कि रामायण में रावण माता सीता का अपहरण करने के लिए तपस्वी का भेष बनाकर आया था। त्रिवेदी के मुताबिक, आज भी कुछ ताकतें इसी तरह अपनी वास्तविक मंशा छिपाती हैं और सामने रखी गई मांगें उनके असली उद्देश्य को जाहिर नहीं करतीं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इन समूहों का लक्ष्य हिंसक संघर्ष और सोची-समझी साजिश के जरिए सत्ता परिवर्तन करना है। उनके इस बयान में विपक्षी आंदोलनों के पीछे कथित साजिश और सत्ता परिवर्तन के प्रयासों का मुद्दा प्रमुखता से उठा।
पवन खेड़ा ने BJP और RSS पर किया पलटवार
सुधांशु त्रिवेदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। ANI से बातचीत में खेड़ा ने आरोप लगाया कि 1950 के दशक की शुरुआत में RSS और हिंदू महासभा ने रावण का एक ऐसा चित्रण तैयार किया था, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू समेत कई प्रमुख हस्तियों के चेहरे लगाए गए थे।
खेड़ा ने दावा किया कि यह घटना BJP और RSS की विचारधारा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इन संगठनों की नजर में संविधान में विश्वास रखने वाले देश के नायक भी रावण के समान हैं।
'RSS संविधान-विरोधी और अंबेडकर के आदर्शों का विरोधी'
पवन खेड़ा ने अपने बयान में RSS पर संविधान-विरोधी होने और डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "1950 के दशक की शुरुआत में, RSS और हिंदू महासभा ने रावण का एक ऐसा चित्रण बनाया था जिसमें सरदार पटेल और नेहरू सहित कई हस्तियों के चेहरे लगाए गए थे। इससे उनकी असली मानसिकता सामने आती है: वे देश के नायकों—यानी संविधान में विश्वास रखने वालों—को 'रावण' मानते हैं।"
खेड़ा ने आगे आरोप लगाया कि RSS संविधान और बाबा साहेब अंबेडकर के आदर्शों का विरोध करता है। इस तरह सुधांशु त्रिवेदी के विपक्ष पर दिए गए बयान के बाद BJP और कांग्रेस के नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप सामने आए। (Source: ANI)
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