मौसम में बदलाव के दौरान बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सेहत का विशेष ध्यान रखें और खुद को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाएं।
नई दिल्ली। मौसम में बदलाव आते ही हमारे आसपास का तापमान और वातावरण तेजी से बदलता है। गर्मियां समाप्त हो रही है और मानसून की शुरुआत हो रही है। मौसम का यह रुख बदलते ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगती है।
बदलते मौसम में हमारे शरीर की इम्युनिटी होती है कमजोर
डॉक्टरों के मुताबिक, बदलते मौसम के दौरान हमारा शरीर नए तापमान के साथ तालमेल बिठाने में समय लेता है, जिससे हमारी रोग इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, त्वचा में एलर्जी और पेट की बीमारियां इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशान करती हैं।
सुरक्षित रहने के लिए बरतें खास सावधानियां
खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कुछ खास सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी हैं। खान-पान में बदलाव सबसे जरूरी है। बदलते मौसम में खान-पान पर नियंत्रण रखना सबसे पहला कदम है। इस दौरान बाहर के खुले और ठंडे खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। शरीर को हाइड्रेटेड रखने और इन्फेक्शन से बचाने के लिए हल्का गुनगुना पानी सबसे बेहतर विकल्प है। बासी भोजन में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं। इसलिए हमेशा ताजा और गर्म खाना खाएं। अपनी डाइट में अदरक, तुलसी, गिलोय, हल्दी और विटामिन-सी से भरपूर खट्टे फलों को शामिल करें। पहनावे और रहन-सहन पर दें।
बीमार होने से बचने के लिए करें ये काम
तापमान के उतार-चढ़ाव के अनुसार खुद को ढालना जरूरी है। सुबह और रात के समय ठंडक होने पर लापरवाही भारी पड़ सकती है। बदलते मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे डेंगू और मलेरिया का खतरा रहता है। इनसे बचने के लिए फूल स्लीव्स के कपड़े पहनें। एसी वाले कमरे से तुरंत तेज धूप में या धूप से आकर तुरंत फ्रिज का ठंडा पानी पीने से बचें। यह 'शर्द-गरम' शरीर को बीमार कर देता है। नियमित रूप से हाथ धोएं और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।शारीरिक रूप से एक्टिव रहें। रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट योग या हल्की एक्सरसाइज जरूर करें। शरीर को रिकवर करने और इम्युनिटी मजबूत रखने के लिए 7 से 8 घंटे की गहरी नींद अवश्य लें।
नजदीकी चिकित्सक से ले सलाह
बदलते मौसम का आनंद तभी लिया जा सकता है जब हम सेहतमंद रहें। थोड़ी सी सतर्कता और घरेलू उपायों को अपनाकर आप मौसमी बीमारियों की चपेट में आने से बच सकते हैं। यदि फिर भी बुखार या लगातार खांसी जैसी समस्या हो, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक से सलाह लें।
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