उज्जैन के ऐतिहासिक रामघाट पर आयोजित दीपोत्सव के दौरान 12 वर्षीय बटुक मयंक दवे झुलस गया। दीप जलाते समय उसकी धोती में अचानक आग लग गई, जिससे उसके हाथ-पैर भी झुलस गए।
उज्जैन: ऐतिहासिक रामघाट पर गुरुवार रात आयोजित दीपोत्सव के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। दीप जलाते समय 12 वर्षीय बटुक मयंक दवे की धोती में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने उसके हाथ-पैरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और घायल बटुक को चरक अस्पताल पहुंचाया।
30 बच्चों के साथ दीपोत्सव में शामिल होने पहुंचा रामघाट
मयंक पंवासा स्थित मणिमहेश गुरुकुल आश्रम, पांड्याखेड़ी से करीब 30 बच्चों के साथ दीपोत्सव में शामिल होने रामघाट पहुंचा था। अस्पताल में मयंक ने बताया कि बच्चों को दीये, तेल और मोमबत्तियां देकर दीप जलाने के लिए लाया गया था। उसके मुताबिक, दीप जलाने का तरीका कार्यक्रम से कुछ समय पहले ही शाम करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच समझाया गया था।
बच्चे के पिता दीपक दवे ने लगाए गंभीर आरोप
मयंक के मामा दीपेश के अनुसार, हादसे में उसके एक पैर पर करीब छह इंच तक झुलस गया, जबकि हाथ और हथेलियां भी आग की चपेट में आई हैं। वहीं, बच्चे के पिता दीपक दवे ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बच्चों को कार्यक्रम में ले जाने से पहले परिजनों से अनुमति नहीं ली गई। पिता ने इलाज में कथित देरी का आरोप लगाते हुए बताया कि वे शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल पहुंच गए थे, जबकि डॉक्टर करीब 9:30 बजे आए।
अस्पताल प्रबंधन को उपचार के संबंध में दिए गए आवश्यक निर्देश
फिलहाल परिवार की प्राथमिकता बच्चे का बेहतर इलाज है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने चरक अस्पताल प्रबंधन को बटुक के उपचार के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं। अब सवाल सिर्फ हादसे का नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, उनकी निगरानी और कार्यक्रम में उन्हें शामिल करने की व्यवस्था का भी है।
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