सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव में विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी है। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर धांधली और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीए का दायरा और अधिक मजबूत हुआ है।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान परिषद के शिक्षक खंड एवं स्नातक खंड चुनाव में जीत हासिल करने वाले समाजवादी पार्टी के सभी विजयी प्रत्याशियों, पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बहुत-बहुत बधाई दी है। श्री यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि इस जीत के बाद किसी भी तरह का हो-हल्ला या जुलूस न निकाला जाए और इसे शांति के साथ सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा के लोग उनके बीच घुसकर माहौल बिगाड़ सकते हैं और पार्टी पर हुड़दंग का झूठा आरोप लगा सकते हैं, इसलिए सामने आ रहे विधानसभा चुनाव को देखते हुए हर तरह के षड्यंत्र से बचना बेहद जरूरी है।
कार्यकर्ताओं के सम्मान और समर्थन की सूची तैयार करने के निर्देश
पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी के विजयी प्रत्याशियों से कहा कि वे उन सभी लोगों की एक सूची तैयार कर लें जिन्होंने इस चुनाव में उनका समर्थन और सहयोग किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे खुद क्षेत्र में जाकर ऐसे सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शुभचिंतकों का अभिनंदन और सम्मान करेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव में गुण्डागर्दी, बेईमानी, चोरी और धांधली करना आज भाजपा की पहचान बन चुकी है और बिना इन हथकंडों के भाजपा कोई चुनाव नहीं जीत सकती, क्योंकि जनता पूरी तरह से उनके खिलाफ हो चुकी है।
डॉ. संजयन त्रिपाठी की हार और मतगणना में घपला करने का आरोप
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट भाजपाइयों और उनके षड्यंत्रकारी साथियों व संलिप्त अधिकारियों ने एमएलसी चुनाव जीतने के लिए हर हद पार कर दी है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर शिक्षक क्षेत्र से सपा उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी को मतगणना में घपला करके हराने की साजिश सबके सामने आ चुकी है। इसके पीछे केवल उनका सपा उम्मीदवार होना नहीं बल्कि 'हाता नहीं भाता' मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा शिक्षक क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ हुए दुर्व्यवहार के आंसू उनका समाज और प्रदेश का कोई भी शिक्षक कभी नहीं भूलेगा।
शिक्षकों के अपमान और 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र
अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षकों को भाजपा शासन में अपमान के सिवा कुछ और नहीं मिला है और शिक्षकों से चारा इकट्ठा करने तक का निकृष्टतम काम करवाने का षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षक इस अपमान को हमेशा याद रखेंगे और 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराकर अपना 'गुरु संकल्प' पूरा करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा की चार सौ बीसी अब चार सौ तीन सीटों पर बिल्कुल नहीं चल पाएगी और समाजवादी पार्टी डॉ. संजयन त्रिपाठी व उनके समाज के साथ हो रहे हर अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
आग्रहरी समाज के अपमान और 'पीडीए' फार्मूले पर बड़ा बयान
आगरा शिक्षक क्षेत्र के नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्य डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ हुए दुर्व्यवहार का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस घटना से समस्त आग्रहरी समाज 'पीड़ित, दुखी और अपमानित' होकर बेहद आहत है। उन्होंने कहा कि आज आग्रहरी समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और चूंकि 'जो पीड़ित, वो पीडीए!' हमारा नारा है, इसलिए अब पीडीए में 'ए' का मतलब 'अग्रवाल-अग्रवंशी' भी है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समाज के जुड़ने से पार्टी का जनाधार और मनोबल कई गुना बढ़ गया है, जिससे यह लड़ाई अब '5 फीसदी भाजपाई बनाम 95 फीसदी पीडीए' की बन गई है।
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