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चंदौली में मृत मरीजों के नाम पर बिल बनने का आरोप

चंदौली में अस्पताल की डायलिसिस यूनिट पर सवाल, मृत मरीजों के नाम पर बिलिंग का आरोप

चंदौली के कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

चंदौली में अस्पताल की डायलिसिस यूनिट पर सवाल मृत मरीजों के नाम पर बिलिंग का आरोप

चंदौली में मृत मरीजों के नाम पर बिल बनने का आरोप |

चंदौली: कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मरीजों के नाम पर बिलिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पूर्व विधायक का आरोप है कि अस्पताल में साल 2023 में जिन मरीजों की मृत्यु हो चुकी थी, उनके नाम पर भी साल 2026 में बिलिंग किए जाने का मामला सामने आया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई मरीजों के नाम पर 1350, 1650 और 1850 रुपये जैसी अलग-अलग धनराशि की बिलिंग की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

अनियमितताओं के विरोध पर नौकरी से हटाने की धमकी

इससे पहले डायलिसिस यूनिट के कुछ कर्मचारियों ने भी जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गड़बड़ियों का विरोध करने पर उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी गई। शिकायत में यूनिट की मैनेजर नेहा कुमारी और चिकित्सक डॉ. सुभाष कुमार का भी उल्लेख किया गया है। संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है। 

मेडिकल रिकॉर्ड और बिलिंग की पड़ताल जरूरी

मनोज सिंह डब्लू ने आरोप लगाया कि मामले की शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बजाय उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। अब इस मामले में मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड, मृत्यु संबंधी दस्तावेज, डायलिसिस मशीनों के लॉग और बिलिंग रिकॉर्ड का मिलान महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, शिकायत पर प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। 

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