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बैंक कर्मचारियों ने 212 निष्क्रिय खातों को..

बैंक कर्मचारियों ने 212 निष्क्रिय खातों को एक्टिव कर 44 लाख रुपये की पेंशन राशि उड़ाई

MP News : भोपाल। यहां सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का पता चला है।

बैंक कर्मचारियों ने 212 निष्क्रिय खातों को एक्टिव कर 44 लाख रुपये की पेंशन राशि उड़ाई

बैंक कर्मचारियों ने 212 निष्क्रिय खातों को खोल 44 लाख रुपये की पेंशन राशि उड़ाई |

MP News : भोपाल। यहां सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का पता चला है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने बैंक ऑफ इंडिया के दो कर्मचारियों सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए 212 ऐसे पेंशन खातों को दोबारा सक्रिय किया, जो वर्षों पहले बंद हो चुके थे। इन खातों से उन्होंने लगभग 44.11 लाख रुपये अवैध रूप से निकाले। 

कैसे किया कारनामा, जांच में पता चला कि आरोपियों ने सबसे पहले पुराने निष्क्रिय खातों को ढूँढा और सिस्टम में उन्हें सक्रिय दिखाने के लिए KYC और वेरिफिकेशन की फर्जी एंट्री कर दीइसके बाद वे इन खातों में जमा होने वाली पेंशन राशि को गुपचुप तरीके से चार ऐसे खातों में ट्रांसफर करते रहे, जिनका संचालन उनके साथी करते थे। इन खातों के माध्यम सेखातों से नकद निकासी होती रही थी। ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड छिपाए जाते रहेऔर पेंशनधारकों को इसकी भनक तक नहीं लगी। एक लंबे समय तक यह धोखाधड़ी बिना किसी संदेह के चलती रही क्योंकि सिस्टम में सभी एंट्री वैध प्रतीत होती थीं।जाँच में यह भी प्रमाणित हुआ कि निकाली गई पूरी राशि को आरोपी दो समूहों में बाँटते थे।

यह था समझौता -

बैंक कर्मचारी पेंशन की 70% राशि रखते थे। उनके सहयोगियों को 30% हिस्सा दिया जाता था। इस तरह तीन वर्षों के दौरान कुल 44 लाख रुपये से अधिक रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर और निकाली गई।

लाभार्थियों ने शिकायत की :

पेंशन न मिलने की शिकायतें जब बड़ी संख्या में सामने आने लगीं, तब विभाग को शक हुआ। लाभार्थियों ने बताया कि महीनों से पेंशन उनके खातों में जमा नहीं हो रही थी।जब खातों की जाँच की गई, तो पता चला कि खाते तो काफी पहले ही बंद हो चुके थे, लेकिन सिस्टम में वे फिर से सक्रिय दिख रहे थे। यहीं से गड़बड़ी सामने आई और एजेंसी ने विस्तृत तकनीकी जाँच शुरू की।जाँच में मिले कई अनियमित दस्तावेज़। अधिकारियों ने बैंक की शाखा सेपुराने दस्तावेज़,ट्रांज़ैक्शन शीट,सिस्टम लॉग,कई फर्जी KYC जब्त किए हैं।इनमें से कई दस्तावेज़ों में कर्मचारियों द्वारा स्वयं एंट्री करने के प्रमाण मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेज़ों की जाँच अभी जारी है और आगे और भी नाम सामने आ सकते हैं।

कोर्ट में होगी सुनवाई - 

ईओडब्ल्यू ने सातों आरोपियों पर धोखाधड़ी, गबन और आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।अधिकारियों का कहना है कि यह पेंशन घोटाला बेहद गंभीर श्रेणी का अपराध है क्योंकि इसमें बुज़ुर्ग और निर्भर नागरिकों की राशि का दुरुपयोग किया गया है।जाँच टीम ने कोर्ट में कहा है कि इस गड़बड़ी का दायरा और बड़ा हो सकता है, इसलिए अगली जाँच के लिए आरोपियों की हिरासत माँगी जाएगी।

 

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