भोपाल/उज्जैन। ईरान- इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के वैश्विक असर अब स्थानीय बाजारों में साफ दिखने लगे हैं।
भोपाल/उज्जैन। ईरान- इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के वैश्विक असर अब स्थानीय बाजारों में साफ दिखने लगे हैं। युद्ध के कारण देश भर में गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सबसे ज्यादा असर कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उज्जैन सहित पूरे मध्य प्रदेश में रेस्टोरेंट और होटल संचालकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद कर दी गई है। मध्य प्रदेश में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है। कई जगहों पर ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा, जिसके कारण उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। गैस एजेंसियों पर लोगों की भीड़ लग रही है और कई जगह 7 से 8 दिन तक वेटिंग की स्थिति बन गई है।
डीजल भट्टी का सहारा
स्थिति को देखते हुए कई होटल और रेस्टोरेंट संचालक इंडक्शन और डीजल भट्टी का सहारा ले रहे हैं। अचानक मांग बढ़ने के कारण इनके रेट लगभग दोगुने हो गए हैं। बताया जा रहा है कि अगर गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो प्रदेश के करीब 50 हजार होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
प्राशासन की कार्रवाई तेज
इस बीच प्रशासन ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। भोपाल में जांच के दौरान तीन ट्रकों से 658 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। आशंका है कि इन सिलेंडरों को अवैध रूप से सप्लाई किया जा रहा था या जमाखोरी की जा रही थी।
गैस वितरण सुचारू बनाने निगरानी
अधिकारियों का कहना है कि गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और जल्द ही उपभोक्ताओं को राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल लोगों को कुछ दिनों तक सिलेंडर मिलने में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
डिमांड में भारी उछाल
गैस सिलेंडर न मिलने के कारण रेस्टोरेंट संचालकों ने पारंपरिक 'भट्टी' (कोयले या लकड़ी वाली) का रुख किया है। उज्जैन की भट्टी फैक्ट्रियों में जहां महीने भर में मुश्किल से एक भट्टी बिकती थी, अब वहां रजाना 3 से 4 भट्टियों की बिक्री हो रही है। मांग इतनी अधिक बढ़ गई है कि अब नई भट्टी बनवाने के लिए ग्राहकों को 10 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। कमर्शियल गैस की किल्लत के चलते प्रशासन और कंपनियों ने इसकी आपूर्ति रोक दी है ताकि घरेलू गैस (Domestic LPG) की कमी न हो।
व्यापार हो रहा प्रभावित
रेस्टोरेंट संचालकों के सामने अपने प्रतिष्ठान चलाने का संकट खड़ा हो गया है। कई संचालक अब गैस के विकल्प के रूप में बिजली (Induction) या कोयले की भट्टियों पर निर्भर हो रहे हैं।
पश्चिम एशिया में युद्ध का असर
पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव के कारण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से होने वाली गैस और तेल की सप्लाई बाधित हुई है। चूंकि भारत अपनी एलपीजी (LPG) जरूरतों के लिए इस मार्ग पर काफी निर्भर है, इसलिए देश के कई हिस्सों में गैस की कमी देखी जा रही है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए व्यावसायिक (Commercial) उपयोग पर सख्ती बढ़ा दी है।
महाकाल मंदिर के रोस्टोरेंट प्रभावित
उज्जैन में महाकाल मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में भी इसका काफी असर देखा जा रहा है, जहां भारी संख्या में श्रद्धालु भोजन के लिए स्थानीय रेस्टोरेंट्स पर निर्भर रहते हैं।
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