प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • डोईवाला के मिसरवाला में सड़क किनारे बेहोश मिला युवक, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच कर रही पुलिस
  • देहरादून: धामी सरकार का डिजिटल क्रांति पर जोर, ई-गवर्नेंस से भ्रष्टाचार पर लगा अंकुश, अब घर बैठे मिलेंगी सरकारी सेवाएं
  • प्रदेश में UCC लागू होने के एक साल पूरे होने पर 27 जनवरी को मनाया जाएगा UCC दिवस, देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का होगा आयोजन, मुख्यमंत्री धामी भी होंगे शामिल
  • ज्योतिर्मठ: चार धाम यात्रा के शीतकालीन गद्दी स्थलों सहित पंच बदरी के देव मंदिरों में उमड़ी पर्यटकों की भीड़, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की बढ़ोतरी हुई दर्ज
  • रुड़की: ठंड में सड़कों पर उतरे राज्यमंत्री विनय रोहिला, शीतकालीन व्यवस्थाओं का लिया जायजा, चौराहों पर अलाव की व्यवस्थाओं लिया जायजा
  • आज से दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर अमित शाह, ऋषिकेश के गीता भवन कार्यक्रम में होंगे शामिल
  • ग्रेटर नोएडा: इंजीनियर युवराज की कार बरामद, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मिली मृतक इंजीनियर की गाड़ी
  • हरदोई में दो पक्षों में जमकर हुआ विवाद, घर में घुसकर जानलेवा हमला और तोड़फोड़ की गई, पुलिस की जांच में जुटी
  • अमरोहा में 18 साल के युवक ने लगाई फांसी, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मामले की जांच में जुटी पुलिस

दसपाड़ी गांव का मामला

दसपाड़ी गांव का मामला, अनियमितता उजागर

MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के दसपाड़ी गांव में स्थापित चेकपोस्ट को लेकर बड़ा मामला सामने आया है।

दसपाड़ी गांव का मामला अनियमितता उजागर

दसपाड़ी गांव का मामला, अनियमितता उजागर |

MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के दसपाड़ी गांव में स्थापित चेकपोस्ट को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां लंबे समय से नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध वसूली की जा रही थी। आरोप है कि इस गड़बड़ी के जरिए करीब 40 लाख रुपये की राशि गलत तरीके से वसूली गई। सूत्रों के अनुसार, चेकपोस्ट पर गुजरने वाले वाहनों से तय सीमा से अधिक रकम ली जा रही थी। कई मामलों में न तो उचित रसीद दी गई और न ही वसूली का सही रिकॉर्ड रखा गया। इससे संदेह गहरा गया कि यह प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से चलाई जा रही थी।

कई सवाल हैं, जिनका नहीं मिला रहा उत्तर

जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वसूली गई रकम सरकारी खाते में जमा हुई या नहीं। दस्तावेजों और वास्तविक वसूली के आंकड़ों में बड़ा अंतर पाया गया है।

ग्रामीणों की शिकायत, तब खुला मामला

ग्रामीणों और वाहन चालकों ने लगातार शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू की। लोगों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें परेशान किया जाता था और जबरन पैसे वसूले जाते थे।

प्रशाशन गंभीर, होगी कार्रवाई

प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और कानूनी कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।

 

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/karni-sena-agitation-ends-on-just-one-demand/102099
 

Related to this topic: