CBN ने ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत 66.79 लाख साइकोट्रोपिक टैबलेट जब्त कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। ट्रक भी जब्त हुआ और नेटवर्क की जांच जारी है।
ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) ने ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब-हिमाचल प्रदेश कॉरिडोर के चंडीगढ़-बद्दी रूट पर "ऑपरेशन वज्र 2.0" के तहत 66.79 लाख साइकोट्रोपिक टैबलेट जब्त की हैं। दो दिन चले इस ऑपरेशन में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और खेप ले जाने वाले ट्रक को भी जब्त किया गया। बरामद दवाओं में अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल, नाइट्राजेपम और क्लोनाजेपम शामिल हैं।
अल्प्राजोलम समेत लाखों टैबलेट बरामद, ट्रक जब्त
जब्त की गई खेप में 59,08,100 अल्प्राजोलम (Alprazolam) टैबलेट, 7,47,780 ट्रामाडोल (Tramadol) टैबलेट, 23,700 नाइट्राजेपम (Nitrazepam) टैबलेट और 400 क्लोनाजेपम (Clonazepam) टैबलेट शामिल थीं। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और खेप ले जाने के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रक को जब्त कर लिया गया है।
खुफिया सूचना पर CBN ने संदिग्ध ट्रक को रोका
CBN अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन मध्य प्रदेश यूनिट द्वारा शुरू किया गया था। यह ऑपरेशन नीमच टीम द्वारा साइकोट्रोपिक दवाओं की एक बड़ी अवैध खेप की आवाजाही के बारे में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि एक विशेष टीम ने चंडीगढ़-बद्दी अंतर-राज्यीय रूट पर रात भर नजर रखी और 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश रजिस्ट्रेशन वाले एक संदिग्ध ट्रक को रोका।
ट्रक से 120 मास्टर कार्टन बरामद, दवाओं की जानकारी मिटाई गई
गाड़ी और उसके ड्राइवर को एक सुरक्षित जगह पर ले जाया गया, जहाँ अधिकारियों ने बारीकी से तलाशी ली और कार्गो में छिपाकर रखे गए नियंत्रित पदार्थों (controlled substances) वाले 120 मास्टर कार्टन बरामद किए। जांच के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि कई ब्लिस्टर स्ट्रिप्स और बॉक्स से बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग की तारीख और एक्सपायरी डेट मिटा दी गई थीं। CBN ने कहा कि कई दवाओं पर "पंजाब-हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए नहीं" (Not to be sold in Punjab Haryana State) भी लिखा था, फिर भी उन्हें इस क्षेत्र में ले जाया जा रहा था।
बिना बिल और ई-वे बिल के ले जाई जा रही थी खेप
अधिकारियों ने बताया कि यह खेप बिना वैध इनवॉइस, बिल या ई-वे बिल के ले जाई जा रही थी, जिससे शिपमेंट की वैधता पर सवाल उठते हैं। इन्वेंट्री और सीलिंग की प्रक्रिया में 14 घंटे से ज्यादा का समय लगा, जिसके बाद नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत पूरे कंसाइनमेंट और ट्रक को औपचारिक रूप से जब्त कर लिया गया।
मैन्युफैक्चरिंग सोर्स और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की जांच जारी
CBN ने बताया कि NDPS एक्ट के तहत एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है और दवाइयों के गलत इस्तेमाल (डायवर्जन) में शामिल मैन्युफैक्चरिंग सोर्स और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का पता लगाने और मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है।
2026 में CBN ने दर्ज किए 197 मामले, 272 गिरफ्तार
यह जब्ती "नशा मुक्त भारत अभियान" के तहत CBN की प्रवर्तन (एनफोर्समेंट) कोशिशों का हिस्सा है। एजेंसी के अनुसार, उसने 2026 में अब तक देश भर में 197 मामले दर्ज किए हैं, 272 लोगों को गिरफ्तार किया है और छह गुप्त ड्रग-मैन्युफैक्चरिंग लैब को बंद किया है।
एजेंसी ने कहा कि साल के दौरान उसकी प्रवर्तन कार्रवाई के परिणामस्वरूप देश भर में लगभग 51,000 किलोग्राम नशीले पदार्थ और 12.7 करोड़ से ज्यादा साइकोट्रोपिक टैबलेट और कैप्सूल जब्त किए गए हैं। (Source: ANI)
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