चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को दैरान हर बूथ के अंदर ही नहीं, बाहर भी सीसीटीवी लगाने का इंतजाम करेगा।
कोलकाता। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को दैरान हर बूथ के अंदर ही नहीं, बाहर भी सीसीटीवी लगाने का इंतजाम करेगा। सीसीटीवी के संचालन और निरीक्षण की जिम्मेदारी माइक्रों ऑबजर्बर को सौंपी जाएगी। चुनाव आयोग 60 लाख से अधिक वोटरो के नाम के विचाराधीन (अंडर एडजुडिकेशन) होने के लिए जिम्मेदार ईआरओ और एईआरओ के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में निर्णय लेगा।
केंद्रीय बलों की तैनाती पर विशेष जोर
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस की तैनाती और चुनाव की प्रक्रिया शांति माहौल में संपन्न कराने के लिए उससे काम लेने के मामले पर गंभीर है। किसी की ओर से पुलिस बल के बारे में किसी भी शिकायत पर गौर नहीं करेगा। गौरतलब है कि राज्य में केंद्रीय बलों की 480 कंपनी को तैनात किया जाएगा और अभी तक 240 कंपनी आ गई है। बाकी कंपनी 10 मार्च तक आ जाएगी।
60 लाख वोटरों के दस्तावेज लंबित, अधिकारियों पर सवाल
सूत्रों का अनुसार राज्य के मुख्य चुनाव अधिकरी का कार्यालय उन ईआरओ और एईआरओ के नामों की सूची तैयार कर रहा है जिनके कारण 60 लाख से भी अधिक वोटरों के कागजातों को अपलोड नहीं कर पाया है और उन वोटरों को फाइनल वोटर लिस्ट में विचाराधीन श्रेणी के अंतर्गत रखा गया है। दूसरी तरफ डब्ल्यू बीसीएस एक्यूज्यूटिव ऑफिसर्स के संगठन की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि रोल और माइक्रो आबजर्बर अपनी कमियों को ढकने के लिए ईआरओ और एईआरयो को बलि का बकरा बना रहे है।
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