अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
रायबरेली {उत्तर प्रदेश}: अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के बयान से प्रदेश की सियासत में नया उबाल आ गया है। रायबरेली पहुंचे सांसद ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने और उसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सामान्य चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था पर डकैती है।
दलित युवक के परिजनों से मिलने पहुंचे थे रायबरेली
दरअसल, सलोन क्षेत्र में हाल ही में सड़क हादसे का शिकार हुए एक दलित युवक के पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने चंद्रशेखर आज़ाद रायबरेली पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश सरकार की एसआईटी जांच पर सवाल खड़े किए। सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में लीपापोती की आशंका है। उनका कहना था कि दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।
BJP पर लगाए गंभीर आरोप
चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल केवल चुनावी लाभ के लिए करती रही है। उन्होंने कहा कि अब जनता भाजपा के असली चेहरे को पहचान चुकी है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति भी स्पष्ट की। उन्होंने दावा किया कि आज़ाद समाज पार्टी पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
पीड़ित परिवार को दिया हरसंभव मदद का भरोसा
रायबरेली से चंद्रशेखर आज़ाद का काफिला सलोन के लिए रवाना हुआ, जहां उन्होंने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दलित युवक के परिजनों से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
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