पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच चन्नी गुट एआईसीसी प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात में शामिल नहीं हुआ और हाईकमान से मिलने दिल्ली रवाना हो गया, जबकि पार्टी ने तस्वीरों में एकता का संदेश दिया।
लुधियाना (पंजाब): पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला गुट राज्य के एआईसीसी प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात में शामिल नहीं हुआ और कांग्रेस हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली रवाना हो गया। हालांकि, पार्टी की ओर से साझा की गई तस्वीरों में एकता का संदेश देने की कोशिश की गई।
हाईकमान से मिलने दिल्ली पहुंचा चन्नी गुट
सूत्रों ने एएनआई को बताया कि पंजाब कांग्रेस ने भले ही चरणजीत सिंह चन्नी के साथ कई वरिष्ठ नेताओं की तस्वीर साझा की हो, लेकिन इस गुट के प्रतिनिधि दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात करने के लिए रवाना हो गए। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब एआईसीसी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के भी दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम तय है। इससे पहले 3 जुलाई को चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व ने उनसे पंजाब की जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को हाईकमान के समक्ष रखने का आग्रह किया है।
सिमरनजीत बैंस ने किया एकजुटता का दावा
लुधियाना से पूर्व कांग्रेस विधायक सिमरनजीत सिंह बैंस ने दावा किया कि जल्द ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस हाईकमान के साथ मिलकर पार्टी की एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मीडिया पार्टी को "विभाजन के नजरिए" से देख रहा है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द सभी वरिष्ठ नेता और कांग्रेस हाईकमान एक साथ दिखाई देंगे, जिससे पार्टी में फूट की सभी अटकलों पर विराम लग जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक सभी एकजुट हैं।
'एकता में शक्ति है' संदेश के साथ साझा हुई तस्वीर
इससे पहले सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला गुट नजर आया। तस्वीर में घोषणापत्र समिति के सह-अध्यक्ष एवं विधायक परगत सिंह, चुनाव समिति की सह-अध्यक्ष रजिया सुल्ताना और भारत भूषण आशु सहित कई प्रमुख नेता मौजूद थे। रंधावा ने तस्वीर के साथ "एकता में शक्ति है" लिखा। इसके कुछ समय बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी यही तस्वीर साझा की। हालांकि, इस तस्वीर में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और विधायक सुखपाल खैरा नजर नहीं आए। बाद में पंजाब कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल ने भी यही तस्वीर पोस्ट की, जिसे राजा वारिंग ने भी "एकता में शक्ति है" कैप्शन के साथ साझा किया।
वारिंग के खिलाफ खुलकर सामने आया चन्नी गुट
4 जुलाई को चरणजीत सिंह चन्नी ने मोरिंडा स्थित अपने आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस बैठक में भारत भूषण आशु सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई। बैठक में नेताओं ने वारिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए चरणजीत सिंह चन्नी सबसे उपयुक्त उम्मीदवार हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से पंजाब में हाल ही में घोषित संगठनात्मक नियुक्तियों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया और दावा किया कि चन्नी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है।
(एएनआई)
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