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मप्र के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री ने दी...

मप्र के श्रमिकों के लिए CM मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के श्रमिकों के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए 'मुख्यमंत्री...

मप्र के श्रमिकों के लिए cm मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात

मप्र के श्रमिकों के लिए CM मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात |

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के श्रमिकों के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए 'मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना' के तहत 600 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस पहल से प्रदेश के लगभग 27 हजार श्रमिक परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है।

श्रमिकों के बैंक खाते में स्थानांतरित किये अनुग्रह राशि

मुख्यमंत्री ने 600 करोड़ रुपये का आवंटन किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 27,523 श्रमिक परिवारों के बैंक खातों में अनुग्रह सहायता राशि (Ex-gratia assistance) स्थानांतरित की। योजना के इतिहास में पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (जैसे जोमैटो, स्विगी और अन्य डिलीवरी सेवाओं में काम करने वाले लोग) को भी शामिल किया गया है। लगभग 3,529 गिग वर्कर्स को इस बार पहली बार योजना का लाभ मिला है।

​श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिकों के स्वास्थ्य मानकों को बढ़ावा देने के लिए 'श्रम स्टार रेटिंग' की अनूठी पहल शुरू की है। इसमें फैक्ट्रियों को उनके द्वारा अपनाए गए सुरक्षा मानकों के आधार पर रेटिंग दी जाएगी।

​संबल योजना के तहत सहायता

​यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए "जन्म से मृत्यु तक" सुरक्षा कवच प्रदान करती है। ​दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रुपये की सहायता। ​सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये की सहायता। ​स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये।​आंशिक अपंगता पर 1 लाख रुपये का प्रावधान है। अंत्येष्टि सहायता (5,000 रुपये) और महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता (16,000 रुपये) दिये जाएंगे।

​उच्च शिक्षा का शुल्क राज्य सरकार वहन करती है

श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा का शुल्क राज्य सरकार वहन करती है। साथ ही, संबल कार्ड धारकों को रियायती दरों पर राशन और 'आयुष्मान भारत' के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। 2018 में योजना शुरू होने के बाद से अब तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं और 7,720 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता वितरित की जा चुकी है। 

योजना के क्रियान्वयन में बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगोन जैसे जिलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) के अनुरूप मध्य प्रदेश में भी नियम बनाकर लागू किए जा रहे हैं, ताकि श्रमिकों के हितों की रक्षा और उद्योगों में पारदर्शिता बनी रहे।

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