भोपाल। भूमि अधिग्रहण की दरों पर जनमत जुटाने के लिए गठित मंत्रियों की समिति को सुझाव देने की अंतिम तिथि के दिन भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने मांग की कि..
भोपाल। भूमि अधिग्रहण की दरों पर जनमत जुटाने के लिए गठित मंत्रियों की समिति को सुझाव देने की अंतिम तिथि के दिन भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने मांग की कि अधिग्रहीत भूमि के बदले किसानों को सरकारी गाइडलाइन दर से चार गुना मुआवज़ा दिया जाए।
विकास का समर्थन, पर किसानों की कीमत पर नहीं
बीकेएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र पालिवाल ने कहा कि संगठन राज्य और देश के विकास का समर्थन करता है, लेकिन किसानों की कीमत पर नहीं। उन्होंने कहा कि भूमि के बाजार भाव लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि सरकारी गाइडलाइन दरें बेहद कम हैं। ऐसे में गाइडलाइन दरों के आधार पर दिया जाने वाला मुआवज़ा किसानों को दूसरी जगह जमीन खरीदने में सक्षम नहीं बनाता, जिससे कई किसान मजदूर बनने को मजबूर हो जाते हैं।
अभी दो गुना मुआवजा मिलता है
वर्तमान में मध्य प्रदेश में भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को गाइडलाइन दर का दो गुना मुआवज़ा दिया जाता है। पालिवाल ने बताया कि देश के कई अन्य राज्य गाइडलाइन दर का चार गुना मुआवज़ा दे रहे हैं और मध्य प्रदेश सरकार से भी वही फार्मूला अपनाने की मांग की।
सूत्रों के अनुसार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप की सदस्यता वाली मंत्रियों की समिति जल्द ही प्राप्त सुझावों पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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