प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News
  • देहरादून: मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामले में आरोपी छात्रों पर एक्शन, हॉस्टल से निष्कासित किए गए छात्र, एंटी रैगिंग कमेटी कर रही है मामले की जांच
  • कड़ाके की ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त, मैदानी इलाकों में घना कोहरा और शीतलहर का प्रकोप, मौसम विभाग ने बारिश-बर्फबारी की जताई संभावना
  • उत्तरकाशी में गंगा घाटी से लेकर यमुना घाटी क्षेत्र में जंगल लगी आग, चारों तरफ फैला धुंआ, आग के कारण वन्य जीव और बेशकीमती लकड़ियों का हो नुकसान
  • ऊधमसिंहनगर: कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ के बेटे पर जानलेवा हमला, अस्पताल में इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी
  • मुरादाबाद में हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में और बोलेरो की टक्कर से बड़ा सड़क हादसा, हादसे में एक व्यक्ति की मौत, तीन लोग गंभीर रूप से घायल
  • बस्ती: तांत्रिक हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने आरोपी से अवैध तमंचा बरामद किया
  • औरैया: पुलिस और इनामी बदमाश में मुठभेड़, 25 हजार का हजार का इनामी अभियुक्त हुआ गिरफ्तार
  • लखनऊ: KGMU धर्मांतरण मामले में STF ने नए सिरे से शुरू की जांच, पैथोलॉजी, CCM विभाग के HOD को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी
  • प्रयागराज: माघ मेले में श्रद्धालुओं का स्नान जारी, त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कड़ाके की ठंड के बीच लोगों ने डुबकी लगाई

सतना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल

सतना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल, चूहों की घुसपैठ

MP News : सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की स्थिति बेहद खराब है।

सतना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल चूहों की घुसपैठ

सतना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल |

MP News : सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की स्थिति बेहद खराब है। यहां स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालत यह है कि अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में चूहों की मौजूदगी सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। इससे पहले इंदौर और जबलपुर के अस्पतालों में भी ऐसे ही मामले उजागर हो चुके हैं।

वीडियो वायरल हुआ तो मचा हड़कंप

सतना जिला अस्पताल के वार्ड और एसएनसीयू क्षेत्र में चूहों के घूमते हुए वीडियो सामने आए हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर फैल रहे हैं। वीडियो में एक चूहा मेडिकल उपकरणों और बेड के आसपास नजर आता है, जिससे नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अस्पताल प्रबंधन की सफाई

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चूहों की रोकथाम के लिए नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल कराया जाता है। सभी वार्डों में माउस ट्रैप लगाए गए हैं और समय-समय पर निगरानी भी की जाती है। प्रबंधन के अनुसार, भोजन सामग्री खुले में छोड़े जाने और मरीजों के परिजनों द्वारा खाने-पीने का सामान रखने से ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि नवजात शिशु इकाई जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों से सरकारी अस्पतालों की स्वच्छता व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।

कार्रवाई और सुधार का दावा

अस्पताल प्रशासन ने दावा किया है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और चूहों की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त पेस्ट कंट्रोल और सफाई व्यवस्था लागू की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता मानकों को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/akhilesh-yadav-said-there-are-more-than-118-fir-in-36-districts/101846
 

Related to this topic: