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बचाव पक्ष ने कहा, अथर के खिलाफ कोई सबूत नहीं

दिल्ली दंगों का मामलाः हाईकोर्अट में अथर खान की जमानत याचिका खारिज

अथर खान की ओर से पेश वकील अर्जुन दीवान ने तर्क दिया कि प्लूटो नामक एक गवाह के बयानों में बड़ा विरोधाभास है, जिसने कथित तौर पर तीन दिनों के भीतर अपना बयान बदल दिया।

दिल्ली दंगों का मामलाः  हाईकोर्अट में अथर खान की जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को 2020 के दिल्ली दंगों से संबंधित एक बड़े षड्यंत्र मामले में आरोपी अथर खान की जमानत याचिका खारिज कर दी। दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज मामले में अथर खान गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोपी हैं। उसकी पिछली जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और मधु जैन की खंडपीठ ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। पीठ ने 26 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

बचाव पक्ष ने कहा, अथर के खिलाफ कोई सबूत नहीं

अथर खान की ओर से पेश वकील अर्जुन दीवान ने तर्क दिया कि "प्लूटो" नामक एक गवाह के बयानों में बड़ा विरोधाभास है, जिसने कथित तौर पर तीन दिनों के भीतर अपना बयान बदल दिया। वकील ने बताया कि चांद बाग स्थित अयाज के तहखाने में बिरयानी पहुंचाने वाले प्लूटो ने कहा था कि कई लोग दंगों और हत्याओं से संबंधित योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे और अथर खान भी वहां मौजूद था। दीवान ने आगे तर्क दिया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि अथर खान कथित साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था और उनकी सह-आरोपी उमर खालिद से कोई मुलाकात नहीं हुई थी। याचिका का विरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) मधुकर पांडे ने कहा कि अथर खान की पिछली जमानत याचिका सितंबर 2025 में खारिज कर दी गई थी, जिसमें अदालत ने पाया था कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।

व्हाट्सएप चैट से दंगों के दौरान हिंसा करने का इरादा स्पष्ट है

उन्होंने कहा कि यह आदेश अंतिम हो चुका है क्योंकि इसे उच्च न्यायालय में चुनौती नहीं दी गई है। एसपीपी ने यह भी तर्क दिया कि अथर खान सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत प्राप्त अन्य आरोपियों के बराबर होने का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि उनके खिलाफ विशिष्ट सबूत मौजूद हैं। पांडे ने आगे बताया कि संरक्षित गवाह "प्लूटो" के बयान से अथर खान की संलिप्तता साबित होती है और व्हाट्सएप चैट से दंगों के दौरान हिंसा करने का इरादा स्पष्ट होता है। उन्होंने यह भी बताया कि 2020 के दिल्ली दंगों में 53 लोग मारे गए थे और इस अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अथर खान के साथ उमर खालिद, शरजील इमाम, ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, सफिउर रहमान, मीरान हैदर, फैजान खान, नताशा नरवाल, देवंगना कलिता, आसिफ इकबाल तन्हा, तस्लीम खान, सफूरा जरगर, इशरत जहां, गुलफिशा फातिमा, सलीम खान और सलीम मलिक उर्फ ​​मुन्ना भी इस मामले में आरोपी हैं। (एएनआई)

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