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डॉग गैंग के हमले में 2 साल के बछड़े की मौत

बैतूल में 'डॉग गैंग' का आतंक! 2 साल के बछड़े को नोच-नोचकर मार डाला, दहशत में लोग

घोड़ा डोंगरी नगर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय चार-पांच कुत्तों के झुंड छोटे गौवंशों पर हमला कर रहे हैं।

बैतूल में डॉग गैंग का आतंक 2 साल के बछड़े को नोच-नोचकर मार डाला दहशत में लोग

Betul News |

बैतूल {मध्यप्रदेश }। घोड़ा डोंगरी नगर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय चार-पांच कुत्तों के झुंड छोटे गौवंशों पर हमला कर रहे हैं। बीती रात दुर्गा चौक वार्ड क्रमांक 4 में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया।

रात 3 बजे बछड़े पर कुत्तों का हमला

बताया जा रहा है कि रात करीब 3 बजे एक दो वर्षीय बछड़े पर चार-पांच आवारा कुत्तों ने एक साथ हमला कर दिया। कुत्तों ने बछड़े के कान और एक पैर को बुरी तरह नोच डाला तथा उसके शरीर पर कई गंभीर घाव कर दिए।

गौ सेवकों ने बचाने की कोशिश की

घटना की जानकारी मिलते ही कुछ गौ सेवक मौके पर पहुंचे और कुत्तों को भगाकर घायल बछड़े को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद उसके इलाज की व्यवस्था करने का प्रयास किया गया।

पशु चिकित्सालय की व्यवस्था पर उठे सवाल

गौ सेवकों का आरोप है कि पशु चिकित्सक को सूचना देने के बावजूद तत्काल सहायता नहीं मिली। उनका कहना है कि करीब दो घंटे बाद डॉक्टर मौके पर पहुंचे और केवल एक इंजेक्शन लगाने के बाद दवाइयां लिख दीं। गौ सेवकों के मुताबिक अस्पताल में न तो घावों पर लगाने के लिए स्प्रे उपलब्ध था और न ही टांके लगाने की पर्याप्त व्यवस्था थी।

इलाज के बावजूद नहीं बच सकी जान

स्थानीय लोगों और गौ सेवकों ने मिलकर बछड़े के उपचार की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर रूप से घायल बछड़े ने सुबह करीब 10 बजे दम तोड़ दिया। उसकी मौत से क्षेत्र में आक्रोश और दुख का माहौल है।

नगर परिषद से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद नगर परिषद को भी सूचना दी गई। स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर चिंता जताते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

लोगों में दहशत का माहौल

रहवासियों का कहना है कि फिलहाल कुत्ते पशुओं पर हमला कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में इंसानों पर भी हमला कर सकते हैं। रात के समय लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने और पशु चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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