रायसेन। जिले के देवनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पानी की...
रायसेन में पेयजल संकट ने ली तीन मासूम बच्चियों की जान, एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में कुएं में डूबीं |
रायसेन। जिले के देवनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पानी की भीषण किल्लत के कारण तीन मासूम आदिवासी छात्राओं की कुएं में डूबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा गैरतगंज तहसील के सगौर गांव का है। घटना के बाद से पूरे इलाके और पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
ऐसे हुआ हादसा
सगौर गांव में पिछले लंबे समय से पेयजल का गहरा संकट बना हुआ है। भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी की भारी किल्लत के कारण गांव के लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए रोज जद्दोजहद करनी पड़ती है। पानी की व्यवस्था के लिए ग्रामीणों को गांव से करीब 1 किलोमीटर दूर स्थित एक कुएं पर निर्भर रहना पड़ता है। रोज की तरह, गांव की तीन नाबालिग बच्चियां कुएं से पानी भरने के लिए घर से निकली थीं। मृतकाओं की पहचान राधा आदिवासी (12), अमृता आदिवासी (12), तनु आदिवासी (13) के रूप में हुई है।
एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि जब तीनों छात्राएं कुएं पर पानी भरने पहुंचीं, तो पैर फिसलने या पानी निकालने के दौरान एक बच्ची गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे डूबता देख, बाकी दोनों बच्चियों ने उसे बचाने की कोशिश की। लेकिन कुआं गहरा होने के कारण तीनों खुद को संभाल नहीं पाईं और एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में तीनों ही पानी में डूब गईं।
ग्रामीणों में फैला आक्रोश
इस घटना के बाद से ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में पीने के पानी की उचित व्यवस्था होती तो मासूम बच्चियों को इतनी दूर कुएं पर नहीं जाना पड़ता और आज उनकी जान बच सकती थी। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर शवों को कुएं से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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