प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

राहुल के चैलेंज पर दुबे का जवाब

राहुल गांधी के डिबेट चैलेंज पर निशिकांत दुबे का पलटवार, बोले- पहले मुझसे बहस करिए, फिर पीएम मोदी को दीजिए चुनौती

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने पर जवाब दिया।

राहुल गांधी के डिबेट चैलेंज पर निशिकांत दुबे का पलटवार बोले- पहले मुझसे बहस करिए फिर पीएम मोदी को दीजिए चुनौती

Dubey Hits Back at Rahul’s Debate Challenge |

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने पर जवाब दिया। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता के साथ विभिन्न मुद्दों, दस्तावेजों और विदेशी संस्थाओं के साथ कथित संबंधों पर बहस करने के लिए खुद कांग्रेस दफ्तर जाने की पेशकश की। प्रधानमंत्री के साथ आमने-सामने की बहस के लिए कांग्रेस नेता द्वारा चलाए गए कई मंचों के अभियानों के बाद उन पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद ने गांधी से कहा कि वे शीर्ष भाजपा नेतृत्व को चुनौती देने से पहले उनसे संतुष्ट हो जाएं।

निशिकांत दुबे ने कांग्रेस दफ्तर आने की कही बात

निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं कांग्रेस ऑफिस में आकर आपसे कागजात, मुद्दों और आपके साथ विदेशी शक्तियों के सहयोग पर डिबेट करने को तैयार हूं। दिन और समय तय कर लीजिए। मुझसे संतुष्ट हो जाइए, फिर हमारे नेताओं को चैलेंज करिए।" दुबे की यह टिप्पणी राहुल गांधी की ओर से विदेशी हस्तक्षेप और संबंधों के आरोपों पर पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती दिए जाने के बाद दोनों दलों के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आई है। इससे पहले मंगलवार को गांधी ने एक्स पर एक पोल शुरू करके अपनी चुनौती को और तेज कर दिया, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं से पूछा कि क्या वे उन्हें और प्रधानमंत्री को आमने-सामने की बहस करते देखना चाहते हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं को भी टैग किया और उनसे प्रधानमंत्री को इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए मनाने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने पोस्ट किया, "भारत के युवाओं, क्या आप राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी खुली बहस देखना चाहते हैं? राजनाथ सिंह जी, नितिन गडकरी जी, शिवराज सिंह चौहान जी, योगी आदित्यनाथ जी- आपके पास हमेशा पीएम का सर्वश्रेष्ठ हित होता है, कृपया उन्हें आने के लिए मनाएं।" इस पोल में दो विकल्प दिए गए थे: "हां- मोदी जी, डरो मत" और "ना- मोदी जी, डर गए"। इसके साथ ही गांधी ने प्रधानमंत्री पर तंज भी कसा।

मोहन भागवत को जज बनाने का भी दिया था प्रस्ताव

यह ताजा पोस्ट राहुल गांधी द्वारा विदेशी कनेक्शन से जुड़े आरोपों पर पीएम मोदी को खुली बहस की नई चुनौती दिए जाने के बाद आया है। उन्होंने सुझाव दिया था कि चर्चा किसी भी स्थान पर हो सकती है और यहां तक कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को जज बनाने का भी प्रस्ताव रखा था। इससे पहले एक पोस्ट में गांधी ने कहा था कि उनकी शुरुआती चुनौती को 24 घंटे बीत चुके हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री से मीडिया और युवाओं की मौजूदगी में सार्वजनिक चर्चा में शामिल होने का आग्रह किया था। राहुल गांधी ने लिखा था, "मोदी जी, आपको मेरी चुनौती दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं। आप कहते हैं कि विपक्ष राष्ट्रविरोधी है। कोई भी मंच, कोई भी स्थान चुनिए और इस बात पर मुझसे बहस कीजिए- राष्ट्रविरोधी कौन है? विदेशी ताकतों के साथ किसके संबंध हैं? और उन संबंधों की प्रकृति क्या है? आइए इसे जल्द से जल्द करें। डरो मत!"

बहस के लिए राहुल गांधी ने रखा था यह प्रस्ताव

चर्चा के प्रारूप का प्रस्ताव रखते हुए कांग्रेस नेता ने कहा था कि दोनों नेता एक मेज के आमने-सामने बैठ सकते हैं और प्रधानमंत्री अपनी पसंद का कोई भी मॉडरेटर चुन सकते हैं। उन्होंने कहा था, "हम दोनों वहां होंगे। मीडिया होगा। इस देश के युवा होंगे। एक मेज होगी। आप एक तरफ बैठेंगे, मैं दूसरी तरफ बैठूंगा। आप जिसे चाहें जज नियुक्त कर सकते हैं। आप मोहन भागवत जी को भी जज बना सकते हैं।"

वित्तीय प्रणाली, अडानी और एपस्टीन मामले पर चर्चा की मांग

गांधी ने उन कई मुद्दों को भी सूचीबद्ध किया जिन पर वे चर्चा करना चाहते थे, जिनमें वित्तीय प्रणाली, भारत-अमेरिका समझौता, अडानी मामला और एपस्टीन मामला शामिल हैं। उन्होंने कहा था, "वित्तीय प्रणाली, वित्तीय संरचना, अमेरिका का यह सौदा कैसे हुआ, क्यों हुआ और इतनी जल्दी क्यों हुआ, आपने यह सौदा अकेले क्यों किया और कैबिनेट को क्यों नहीं सूचित किया, अडानी मामला क्यों बंद कर दिया गया, एपस्टीन- और कई अन्य मुद्दों पर सवाल होंगे। हम उन सभी पर खुलकर चर्चा करेंगे। सच्चाई सामने आने दीजिए। सब कुछ बिल्कुल स्पष्ट होने दीजिए।" उन्होंने प्रधानमंत्री को उनके आरोपों पर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की भी चुनौती दी और कहा कि वह पहले से ही ऐसे लगभग 45 मामलों का सामना कर रहे हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी के बयान के बाद बढ़ा विवाद

यह आमना-सामना गांधी के उन पहले के आरोपों के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी विदेशी सहायता से प्रधानमंत्री बने और बने रहे तथा भारत की वित्तीय प्रणाली विदेशी ताकतों द्वारा नियंत्रित और समर्थित है। यह राजनीतिक आदान-प्रदान गुजरात के स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाए जा रहे राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में पीएम मोदी की टिप्पणियों की पृष्ठभूमि में भी सामने आया है। प्रधानमंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए उस पर बाधा डालने वाली ताकत बनने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि कुछ ताकतें विदेश से समर्थन पाकर देश को विभाजित करने की साजिश रच रही हैं।

ANI

ये भी पढ़ें: जैसलमेर में रक्षा सलाहकार समिति की बैठक: राजनाथ सिंह बोले- आधुनिक हथियारों और स्वदेशी तकनीक से मजबूत हो रही सेना

Related to this topic: