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उज्जैन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए 8 करोड़ के...

उज्जैन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए 8 करोड़ के बीमा क्लेम की ठगी, EOW ने दर्ज की FIR

उज्जैन। आर्थिक अपराध प्रकोष्ट ने गुरुवार को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस से जुड़े करीब 8 करोड़...

उज्जैन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए 8 करोड़ के बीमा क्लेम की ठगी eow ने दर्ज की fir

उज्जैन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए 8 करोड़ के बीमा क्लेम की ठगी, EOW ने दर्ज की FIR |

उज्जैन। आर्थिक अपराध प्रकोष्ट ने गुरुवार को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस से जुड़े करीब 8 करोड़ रुपये के बीमा घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस ठगी में बीमा एजेंट, पॉलिसी धारक, नॉमिनी और पंचायत स्तर के लोगों की मिलीभगत सामने आई है। यह संगठित धोखाधड़ी का मामला है। इस मामले में सरपंच, सचिव और सहायक सचिव सहित करीब 40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ कर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। मामला बीमा पॉलिसी के नाम पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और बीमारी का जाली दस्तावेज तैयार किया गया। मामले में 21 नॉमिनी सहित 40 आरोपी पर केस दर्ज किया गया है। 

​क्या है पूरा मामला?

​ईओडब्ल्यू (EOW) के अधिकारियों के अनुसार, यह धोखाधड़ी काफी सुनियोजित तरीके से की गई थी। जाँच में सामने आया है कि इस रैकेट में बीमा एजेंटों, पॉलिसी धारकों और नामिनी (Nominee) ने एक संगठित गिरोह की तरह काम किया। जांच में 27 पॉलिसियों में गड़बड़ी मिली है। साथ ही 8 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें मृत व्यक्तियों के नाम पर पॉलिसी जारी कर क्लेम करने की कोशिश की गई। 

कैसे किया ​फर्जीवाड़ा?

​गिरोह पहले से मर चुके व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसी जारी करवाता था। जिन लोगों को गंभीर बीमारियां थीं, उनके स्वास्थ्य संबंधी जाली दस्तावेज तैयार किए गए। बीमा क्लेम पाने के लिए जालसाजों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificates) प्रस्तुत किए, ताकि वे बीमा की भारी-भरकम राशि आसानी से प्राप्त कर सकें।

​जांच के दायरे ये लोग

फिलहाल ईओडब्ल्यू की टीम उन सभी लोगों की पहचान कर रही है, जो इस धोखाधड़ी का हिस्सा थे। इसमें मुख्य रूप से जिन्होंने पॉलिसी जारी करवाने से लेकर क्लेम प्रोसेस करने में मुख्य भूमिका निभाई, जिन्होंने अपनी मिलीभगत से दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिन्होंने धोखाधड़ी के जरिए क्लेम की रकम प्राप्त की, ये सभी इसमें शामिल थे। 

ईओडब्ल्यू की सख्त कार्रवाई

​बीमा कंपनियों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा वित्तीय घोटाला है और जाँच के दायरे में आने वाले सभी आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। ईओडब्ल्यू अब इन सभी फर्जी क्लेमों के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाने में जुटी है। इस तरह के मामले बीमा क्षेत्र में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बीमा धारकों को अपनी पॉलिसी और व्यक्तिगत दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए ताकि इनका दुरुपयोग न हो सके

ईओडब्लू ने 21 नॉमिनी के खिलाफ मामला दर्ज किया

ईओडब्लू ने पॉलिसी धारकों के 21 नॉमिनी को आरोपी बनाया है। इसमें रामकन्या नवरंग, सरे कुंवर, गोकुल सिंह, अनिल, रेखा बाई, मुकेश सिंह, चौहान, राधा मालवीय, गोपाल, प्राभा पाटीदार, अनिल भाटी, दिलीप गावरिया, विनोद, कैलाश हिरवे, शीतल, श्यामदार बैरागी, मुन्नी यादव, सुरेश जुझारे, मंजुदेवी राव, राधा देवी, सरफराज अहमद, सुधीर राठौर और ज्योतिबाई शामिल हैं। सभी आरपियों के खिलाफ धारा 417, 420, 511, 467, 468, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है।  

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