सिंगरौली में पावर ग्रिड टावर निर्माण के दौरान किसान की मौत के बाद ग्रामीणों और कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कार्रवाई में कथित एकतरफापन और एफआईआर को लेकर विवाद बढ़ गया है।
Farmer Dies During Power Grid Tower Work in Singrauli, Sparks Political Protest |
सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। जिले में पावर ग्रिड कंपनी द्वारा टावर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। टावर निर्माण कार्य के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में एक किसान की मौत हो गई, जिसके बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पावर ग्रिड कंपनी द्वारा बिना उचित मुआवजा दिए और किसानों की सहमति के बिना जबरन टावर निर्माण का कार्य किया जा रहा था। जब संबंधित किसान ने अपनी जमीन पर अवैध निर्माण का विरोध किया, तो कार्य के दौरान ही उनकी दुखद मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया।
मौत के बाद हुआ धरना-प्रदर्शन
किसान की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने मौके पर ही हंगामा खड़ा कर दिया। स्थिति को भांपते हुए स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी मोर्चा संभाला और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के भारी दबाव के बाद ही प्रशासन और कंपनी प्रबंधन हरकत में आया, जिसके बाद आनन-फानन में मृतक के परिजनों को सहायता राशि प्रदान की गई।
उल्टे पीड़ित पक्ष पर ही कार्रवाई
हैरानी की बात यह है कि जिस कंपनी की लापरवाही के कारण एक किसान की जान गई, उस पर अब तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है। इसके विपरीत, जो नेता और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए खड़े हुए, प्रशासन ने उन्हीं पर मामला दर्ज कर दिया। पूर्व महापौर रेनू शाह, वरिष्ठ नेता भास्कर मिश्रा और राधिका शाह समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किए जाने से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
कांग्रेस का कड़ा विरोध
इस एकतरफा कार्रवाई के विरोध में आज कांग्रेसियों का जत्था सड़कों पर उतर आया। सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सिंगरौली पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह प्रशासन और कंपनी की मिलीभगत का परिणाम है कि अपराधी खुले घूम रहे हैं और न्याय की मांग करने वाले जनप्रतिनिधियों पर झूठे मुकदमे थोपे जा रहे हैं।
FIR निरस्त करने और निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि पूर्व महापौर और अन्य पर दर्ज की गई एफआईआर को तत्काल निरस्त किया जाए।
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