राजनांदगांव के बोरतलाव में तीन बच्चों की डूबने से मौत के बाद ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)। जिले डोंगरगढ़ ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बोरतलाव में बीते बुधवार की शाम तीन मासूम बच्चों की डूबने से हुई मौत के मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है। घटना के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस के महामंत्री विजय राज सिंह के नेतृत्व में बोरतलाव थाना पहुंचकर एक आवेदन सौंपा , जिसमें छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
रेलवे निर्माण के गड्ढों को बताया हादसे की वजह
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि रेलवे की तीसरी लाइन निर्माण के दौरान हुए खनन के बाद बने गहरे गड्ढों को समतल नहीं किया गया, जिससे उनमें पानी भर गया और वही गड्ढा तीन मासूम बच्चों की मौत का कारण बना।
छह लोगों पर कार्रवाई की मांग
आवेदन में तत्कालीन रेलवे ठेकेदार, रेलवे इंजीनियर या कार्य प्रभारी, जमीन मालिक, माइनिंग अधिकारी, तहसीलदार और तत्कालीन थाना प्रभारी को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
मुआवजे और गड्ढों को भरने की मांग
साथ ही मृतक बच्चों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और जिले में रेलवे निर्माण के दौरान बने अन्य खुले गड्ढों का सर्वे कर उन्हें भरने तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है।
पुलिस कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल आवेदन एसडीओपी डोंगरगढ़ के माध्यम से पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव को भेजा गया है। अब देखना होगा कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
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