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शिक्षक तबादले पर बवाल

डूंगरपुर में शिक्षक तबादले पर बवाल, छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूल में की तालाबंदी

डूंगरपुर के नवलश्याम सरकारी स्कूल में गणित शिक्षक के तबादले के विरोध में छात्रों और ग्रामीणों ने तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। शिक्षक की बहाली की मांग की जा रही है।

डूंगरपुर में शिक्षक तबादले पर बवाल छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूल में की तालाबंदी

Students Protest Teacher Transfer, Lock School in Dungarpur |

डूंगरपुर (राजस्थान)। स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक फेरबदल के चलते एक बार फिर सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। डूंगरपुर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नवलश्याम में कार्यरत गणित के शिक्षक सुरेश मोलात का अचानक 200 किलोमीटर दूर तबादला किए जाने से ग्रामीण और छात्र आक्रोशित हो उठे। विरोध स्वरूप गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी और विभाग व स्थानीय राजनेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बिना शिकायत 200 किमी दूर भेजा

ग्रामीणों का आरोप है कि इस स्थानांतरण के पीछे पूरी तरह से स्थानीय राजनीति का हाथ है। विद्यालय में पहले से ही शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं, ऐसे में बेहतर कार्यशैली और बच्चों के चहेते शिक्षक को बिना किसी शिकायत के इतनी दूर भेजना प्रशासनिक दुर्भावना को दर्शाता है। ग्रामीणों ने जब शिक्षा विभाग से संपर्क किया तो अधिकारियों ने माना कि शिक्षक मोलात के खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि नेता इसे केवल एक 'विभागीय प्रक्रिया' बता रहे हैं, लेकिन वास्तव में यह ग्रामीण और गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

शानदार रिकॉर्ड के कारण चहेते हैं शिक्षक

शिक्षक सुरेश मोलात अपनी विशिष्ट कार्यशैली के कारण क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। पिछले कई वर्षों से उनके विषय (गणित) का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। वे न केवल पढ़ाई बल्कि खेलकूद में भी बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित करते हैं। इसके अलावा, वे हर साल प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को अपने निजी खर्च से सम्मानित भी करते हैं।

वैकल्पिक व्यवस्था नामंजूर, बहाली पर अड़े छात्र

तालाबंदी और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के आला अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व छात्र-छात्राओं से समझाइश का प्रयास किया। अधिकारियों ने बच्चों की पढ़ाई बाधित न होने देने के लिए वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। 

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