गुजरात उच्च न्यायालय आज 2008 के अहमदाबाद सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में अपना फैसला सुनाएगा, जिसमें 200 से अधिक लोग घायल हुए थे जबकि 56 लोग मारे गए थे।
अहमदाबाद: गुजरात उच्च न्यायालय मंगलवार को 2008 के अहमदाबाद सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में अपना फैसला सुनाने वाला है। इन धमाकों में शहर भर में सिलसिलेवार बम विस्फोटों में 56 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में फैसला सुबह 11 बजे सुनाया जाएगा।
आतंकी हमले में 56 लोगों की गई थी जान
26 जुलाई, 2008 को अहमदाबाद में लगभग 70 मिनट के अंतराल में 20 स्थानों पर 21 सिलसिलेवार बम धमाके हुए, जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई। इस आतंकी हमले में 56 लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए। इन हमलों की जिम्मेदारी इस्लामिक आतंकी समूह हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी (हुजी) ने ली थी।
इन मामलों की हो रही जांच
इस बीच, दिल्ली के लाल किले पर हुए बम धमाके के मामले में भी जांच जारी है, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने धमाके में मारे गए लोगों के शरीर के अंगों से संबंधित एक फोरेंसिक रिपोर्ट दाखिल की है। न्यायालय ने फोरेंसिक रिपोर्ट की जांच के लिए मामले को सूचीबद्ध किया है।
09 आरोपियों को विशेष न्यायाधीश के सामने किया गया पेश
एनआईए के अनुसार, गाड़ियों में रखे गए तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (वीबीआईईडी) के विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए, साथ ही आसपास की संपत्ति को भी व्यापक नुकसान पहुंचा। एनआईए ने 09 आरोपियों को विशेष न्यायाधीश (एनआईए) पीतांबर दत्त के सामने पेश किया, जिन्होंने उनकी न्यायिक हिरासत अगली तारीख तक बढ़ा दी। अदालत ने मामले की सुनवाई 13 जुलाई को सूचीबद्ध की है।
NIA ने इन आरोपियों के खिलाफ पत्र किए दाखिल
एनआईए पहले ही शाहीन सईद और अन्य सहित 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। जमीर अहमद अहनगर और तुफैल अहमद भट के खिलाफ दायर पूरक आरोप पत्र भी पटियाला स्थित एनआईए अदालत में विचाराधीन है। एनआईए ने नवंबर 2025 के दिल्ली बलास्ट मामले में जमीर अहमद अहनगर और तुफैल अहमद भट और एक फरार आरोपी के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया है।
हथियार और गोला-बारूद किए थे जमा
जमीर और तुफैल को फरवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी इस मामले में पहले ही मुख्य आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। आरोप है कि जमीर और तुफैल ने हथियार, गोला-बारूद जमा कर रहे थे। उमर, इरफान और आदिल ने जमीर को राइफल, पिस्तौल और जिंदा कारतूस दिए थे। ये तीनों अंसार गजावत उल हिंद से जुड़े हैं। यह मामला नवंबर 2025 में लाल किले पर हुए कार बम विस्फोट से संबंधित है।
(एएनआई)
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