म्यांमार प्रशिक्षण शिविर मामले में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए और 21 अक्टूबर को भारत लौटने की जानकारी दी।
नई दिल्ली: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक अपने देश से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने बताया कि उनके पास 21 अक्टूबर को भारत आने का हवाई टिकट है और वे अदालत में पेश होंगे। वैनडाइक म्यांमार प्रशिक्षण शिविर मामले में आरोपी हैं। इस मामले में छह यूक्रेनी नागरिक भी आरोपी हैं। सभी आरोपी जमानत पर रिहा हैं और अदालत द्वारा विदेश यात्रा की अनुमति दिए जाने के बाद एक महीने से अपने-अपने देशों में हैं।
राउज एवेन्यू कोर्ट में 23 अक्टूबर को आरोपपत्र पर विचार
यूक्रेनी नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश नहीं हुए। उनकी ओर से छूट के लिए आवेदन किया गया था। राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने एनआईए की आरोपपत्र पर विचार के लिए 23 अक्टूबर की तारीख तय की है। अधिवक्ता अमित रोहिला एनआईए के प्रतिनिधि वकील के रूप में पेश हुए और बताया कि एनआईए आगे की जांच की प्रगति और अगर कोई पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जाना है तो अदालत को सूचित करेगा।
8 सितंबर को एनआईए ने यूएपीए की धाराओं को लागू किए बिना आरोपपत्र दाखिल किया था। केवल आव्रजन और विदेशी अधिनियम के तहत अपराधों से संबंधित धाराओं को ही लागू किया गया था। उक्त अपराधों का एफआरआरओ के समक्ष समझौता हो चुका है।
एनआईए की जांच जारी
आरोप पत्र दाखिल करते समय एनआईए ने कहा था कि आगे की जांच जारी है और अगर यूएपीए के तहत अपराध सिद्ध होता है तो पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। आरोप पत्र 180 दिनों की हिरासत के बाद दाखिल किया गया था, इसलिए अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 1 लाख रुपये जमा करने पर जमानत दे दी थी। आरोपियों ने जमानत न देने की मांग करते हुए यह याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि उक्त अपूर्ण आरोपपत्र के मद्देनजर, आवेदक/आरोपी जमानत के हकदार हैं।
180 दिन में जांच पूरी नहीं कर सकी NIA
अदालत ने कहा कि आवेदक ने जमानत नहीं दी है। यह स्वीकार किया गया है कि एनआईए यूएपीए के तहत अपराधों से संबंधित जांच को 180 दिनों की वैधानिक अवधि के भीतर पूरा नहीं कर सकी। एनआईए ने मार्च 2026 में यूएपीए के तहत दर्ज एक मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एनआईए द्वारा जांच की अवधि दो बार बढ़ाई गई थी।
(इनपुट: ANI)
ये भी पढ़ें- इंडिया ब्लॉक का चुनाव आयोग पर बढ़ा दबाव, CEC के इस्तीफे और SIR वापसी की मांग