उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए INDIA गठबंधन में सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए हैं।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर INDIA गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे पर बातचीत आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने संगठन की मजबूती और जनता के भरोसे के आधार पर कुछ सीटों पर दावेदारी पेश की है। गौतम के मुताबिक, गठबंधन में सीटों को लेकर चर्चा जारी है और अंतिम निर्णय होने के बाद इसकी जानकारी साझा की जाएगी।
2024 के लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन का दिया हवाला
राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन ने 43 संसदीय सीटें जीती थीं। उन्होंने इस प्रदर्शन को राहुल गांधी के प्रभाव और कांग्रेस के मजबूत होते संगठनात्मक ढांचे का संकेत बताया। गौतम के अनुसार, कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपने संगठन को सक्रिय रूप से मजबूत कर रही है और इसी आधार पर पार्टी ने गठबंधन में कुछ सीटों की मांग रखी है।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर अपने संगठन को सक्रिय रूप से मजबूत कर रही है और यह लगातार ताकतवर हो रही है। हाल ही के लोकसभा चुनावों के नतीजे, जिनमें INDIA गठबंधन ने UP में 43 सीटें जीतीं, राहुल गांधी के प्रभाव को दर्शाते हैं। इसी आधार पर, और अपने संगठन की ताकत तथा पार्टी पर जनता के भरोसे को देखते हुए, हमने कुछ सीटों की मांग की है।"
कांग्रेस ने कहा- सीटों पर सम्मानजनक समझौता होगा
गठबंधन में जारी बातचीत का जिक्र करते हुए गौतम ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व कुछ मुद्दों पर चर्चा कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि सीट बंटवारे पर सम्मानजनक समझौता होगा। हालांकि, उन्होंने फिलहाल सीटों की संख्या या उनके बंटवारे से जुड़ा कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया। उनके मुताबिक, बातचीत पूरी होने और समझौता अंतिम रूप लेने के बाद इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
गौतम ने कहा, "बातचीत शुरू हो चुकी है, और जैसा कि हमने पहले भी कहा था, यह समझौता सम्मानजनक होगा। समझौता फाइनल होने पर हम इसकी पूरी जानकारी देंगे। फिलहाल पार्टी नेतृत्व कुछ मुद्दों पर चर्चा कर रहा है, और इसका नतीजा सही समय आने पर बता दिया जाएगा।"
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) पर भी सवाल उठाए। गौतम ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में मनमाने ढंग से बदलाव करके लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं या उनके विवरण बदले जा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है और संबंधित तथ्यों को सामने लाएगी।
गौतम ने आरोप लगाया, "आज हमारा मुख्य ध्यान इस बात पर है कि कैसे चुनाव आयोग नागरिकों के वैध वोटों को हटाकर या उनके विवरण में बदलाव करके हमारे लोकतंत्र और संविधान को कमजोर कर रहा है।"
एक निर्वाचन क्षेत्र में 13,150 नाम बदलने का दावा
राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि एक निर्वाचन क्षेत्र में 13,150 लोगों के नाम बदल दिए जाने से चुनाव के नतीजों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन कथित बदलावों से जुड़े तथ्यों और सबूतों को INDIA गठबंधन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर की जाने वाली याचिका के साथ पेश करेगी। ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
गौतम ने कहा, "अगर किसी एक निर्वाचन क्षेत्र में 13,150 लोगों के नाम बदल दिए जाएं, तो चुनाव पूरी तरह से एकतरफा हो जाता है। हम इसे यूं ही नहीं जाने देंगे। इन सभी तथ्यों और सबूतों को 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर की जाने वाली याचिका के साथ पेश किया जाएगा।"

आराधना मिश्रा ने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की बात कही
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना 'मोना' मिश्रा ने कहा कि पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की 2 अप्रैल को जारी सूची में संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद दर्ज EPIC यानी वोटर आईडी नंबर और नामों में अब अंतर दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, आयोग की वेबसाइट पर EPIC नंबर वही हैं, लेकिन कुछ मामलों में नाम और पिता के नाम बदल गए हैं।
मिश्रा ने कहा कि यदि मतदाता सूची में इस तरह के बदलाव होते हैं, तो अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाताओं को वोट डालने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस मामले में कानूनी सलाह लेगी और जरूरी कानूनी कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने मतदाताओं के मतदान अधिकारों की रक्षा को पार्टी का कर्तव्य बताया।

इमरान मसूद बोले- तथ्यों के साथ उठाया गया मामला
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी मतदाता सूची में कथित बदलावों को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने केवल आरोप नहीं लगाए हैं, बल्कि अपने दावों के समर्थन में तथ्य भी पेश किए हैं। मसूद ने दावा किया कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में 13,000 से अधिक वोटों से जुड़े विवरणों में बदलाव किए गए हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपने वोट की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
मसूद ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद और अदालत तक उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची से जुड़े मामलों का समाधान नहीं हुआ, तो लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो सकते हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की बात कही है। (Source: ANI)
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