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टीएमसी के लिए मुंस्लिम संमुदाय को रिझाना अब आसान..

टीएमसी के लिए मुंस्लिम संमुदाय को रिझाना अब आसान नहीं

सत्तारूढ टीएमसी के लिए मुस्लिम समुदाय को रिझाना अब आसान नहीं रह गया है।

टीएमसी के लिए मुंस्लिम संमुदाय को रिझाना अब आसान नहीं

It is no longer easy for TMC to woo the Muslim community |

कोलकाता। सत्तारूढ टीएमसी के लिए मुस्लिम समुदाय को रिझाना अब आसान नहीं रह गया है। उसके समाने टीएमसी से निष्कासित विधायक हुमायू कबीर का संकट है ही, AIMIM (आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमिन) के आला असदुद्दीन ओवैसी भी नई आफत बन खड़े हो रहे है। टीएमसी मुस्लिम समर्थक विभाजित होते नजर आ रहे हैं।

विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर करेंगे टीएमसी का विरोध

मुर्शिदाबाद जिले में भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हुमायूं कबीर ने टीएमसी से निष्कासित होते ही टीएमसी का घोर विरोधी होने और विधानसभा चुनाव में उसका कड़ा मुकाबला करने का एलान कर दिया। इतनी ही नहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को यह चुनौती भी दे दी कि ममता बनर्जी उन्हें रोकने के लिए जितना चाहें ताकत लगा लें।

मालदा समेत अन्य मुस्लिम बहुल जिलों का भी हुमायूं कबीर कर रहे दौरा

हुमायूं कबीर अपने गृह जिला मुंर्शिदाबाद में ही नहीं पड़ोसी जिला मालदा समेत उन सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं जिन जिलों में मुस्लिम समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है। हमायूं कबीर 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी का ऐलान करेंगे। अपनी पार्टी का गठन करने के पहले ही उन्होंने यह भी ऐलान कर दिया है कि पूरे राज्य में विधानसभा की 135 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करेंगे और 80 सीटें पर उनकी जीत पक्की है। उनके समर्थन के बिना कोई भी पार्टी अपनी सरकार नहीं बना सकती।

टीएमसी से निष्कासन के बाद पार्टी के कई विधायक और नेता कर रहे समर्थन

जानकारों का कहना है कि टीएमसी से उनका निष्कासन के बाद टीएमसी के मुर्शिदाबाद जिले के तमाम मुस्लिम नेता उनके साथ खड़े हो गए है। कई विधायक भी अप्रत्यक्ष उनका साथ दे रहे हैं। मालदा जिले में टीएमसी के तमाम मुस्लिम नेता कबीर हुमायूं के साथ आ गए हैं। दूसरे जिलों में भी टीएमसी के मुस्लिम नेता कबीर हुमायूं का खुल कर समर्थन करने लगे है।

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी प्रदेश में अपने संगठन को कर रहे मजबूत

AIMIM के आला असदुद्दीन ओवैसी मालदा जिले का दौरा कर चुके हैं और अपनी पार्टी के नेताओ को आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपने संगठन को मजबूत करने के लिए ज्यादा से ज्यादा सक्रिय होने की हिदायत दे गए हें। जानकारों का कहना है कि बिहार में विधानसभा चुनाव में संतोषजनक कामयाबी मिलने के बाद उनकी निगाह पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव पर है।

ओवैसी के समर्थन में आगे आ रहा मुस्लिम समुदाय

जानकारों अनुसार हुमायूं कबीर ओवैसी से हाथ मिलाना चाहते हैं। लेकिन ओवैसी उनसे हाथ मिलने से अभी बच रहे हैं। ओवैसी चाहते हैं कि उनकी पार्टी मालदा, मुर्शिदाबाद के साथ-साथ कोलकाता के पड़ोसी और बांग्लादेश की सीमा से सटे जिले उत्तर चौबीस परगना, दक्षिण परगना, नदिया में पैर जमा ले, उसके बाद वे हुमायूं कबीर के साथ हाथ मिलाने के लिए आगे आएंगे। ओवैसी का समर्थन के लिए मुस्लिम समुदाय आगे आने लगा है। 

हुमायूं कबीर के समर्थकों का मानना है कि इससे हुमायूं कबीर को नुकसान नहीं होगी, बल्कि मुस्लिमं विरोधी ताकतें कमजोर पड़ेगी। वे भाजपा के साथ-साथ टीएमसी को भी मुस्लिम विरोधी मानने लगे हैं। 

टीएमसी सूत्रो का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर टीएमसी के मुस्लिम नेताओं की ओर से टीएमसी समर्थक मुस्लिम समुदाय को एकजुट करने की कवायद तेज कर दी है। टीएमसी मुस्लिम नेताओ और इमाम मुअज्जिनों की कई बैठके हो गई हैं और उन बैठकों में मुस्लिम समुदाय को साधने के उपायों पर चर्चा की गई है।

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