MP News : भोपाल। मप्र आबकारी विभाग के डिस्ट्रिकवाइस रेवेन्यू रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार प्रदेश में 2024-25 में शराब से राजस्व की प्राप्ति 15258.84 करोड़ है..
MP News : भोपाल। मप्र आबकारी विभाग के डिस्ट्रिकवाइस रेवेन्यू रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार प्रदेश में 2024-25 में शराब से राजस्व की प्राप्ति 15258.84 करोड़ है। प्रदेश के 4 सबसे बड़े जिले भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में शराब की सबसे ज्यादा खपत हुई है। 21 प्रतिशत का राजस्व इन्हीं जिलों से मिला है। सबसे ज्यादा राजस्व 1701.91 करोड़ इदौर से मिला।
शराब पीने या सबसे कम राजस्व वाला जिला डिंडोरी रहा। जहां से मात्र 30.32 करोड़ का राजस्व मिला। भोपाल 1159.31 करोड़, जबलपुर 826.11 करोड़ और ग्वालियर में 659 करोड़ का राजस्व मिला है। अगर टॉप 10 शहरों की बात की जाए तो कुल 7434.23 करोड़ की खपत हुई है, जो कुल खपत का लगभग 50 प्रतिशत है।
प्रदेश में शराब खपत का आंकड़ा बढ़ा है। इसका मतलब यह है कि शराब पीने वालों की संख्या बढ़ने से सरकार को राजस्व की प्राप्ति हुई है। 2024-25 में 15258.84 करोड़ का राजस्व मिला, जो लक्ष्य से अधिक रहा, वहीं 2025-26 में शराब रेवेन्यू का लक्ष्य 17000 करोड़ है।
इसके साथ ही कई कार्रवाइयां आबकारी विभाग द्वारा शराब ठेकों,अवैध शराब या अन्य मामलों में की गईं। जुर्माने के तौर पर राशि वसूली की गई। अकेले भोपाल जिले की बात की जाय तो अप्रैल 2026 से अक्टूबर 2026 तक लगभग 7174907 का जुर्माना अलग-अलग मामलों में वसूला गया।
भोपाल में 1200 से 1400 मामलो में कार्रवाई की गई, जिसमें 3626 विभागीय प्रकरण,3786 न्यायिक प्रकरण, देशी मदिरा जब्ती 4557.83 लीटर,महुआ 11005.5 किग्रा, विदेशी मदिरा 1722.96 प्रो लीटर, बियर 496.10 बल्क लीटर की कार्रवाई हुई। इसी तरह अन्य जिलों में भी कार्रवाइयां हुई हैं।
शराब राजस्व के टॉप 10 शहर
शहर राजस्व (करोड़ में) इंदौर 1701.91, भोपाल 1159.31, जबलपुर 826.11, ग्वालियर 659.00, उज्जैन 629.00, सागर 451.51, धार 448.00, सतना 400.98, रायसेन 398.89, खरगोन 394.50, रीवा 366.00, कुल 7434.23।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/tea-party-after-the-conclusion-of-the-winter-session/101735