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टीचर पर शराब पीकर स्कूल पहुंचने का आरोप

डिंडौरी के सरकारी स्कूल में शिक्षक पर शराब के नशे में पहुंचने का लगा आरोप, वीडियो हुआ वायरल

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने दावा किया कि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

डिंडौरी के सरकारी स्कूल में शिक्षक पर शराब के नशे में पहुंचने का लगा आरोप वीडियो हुआ वायरल

Teacher Alleged Alcohol Intoxication |

डिंडौरी: मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक की इस आदत का असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसी वजह से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या भी लगातार घटती जा रही है। हालांकि, आरोपित शिक्षक ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

शिक्षक कई बार शराब के नशे में पहुंचते हैं स्कूल

मामला डिंडौरी विकास खण्ड के प्राथमिक शाला महावीर टोला का है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक कई बार शराब के नशे में विद्यालय पहुंचते हैं। उनका कहना है कि जब गुरु ही नशे की हालत में बच्चों के सामने पहुंचेगा, तो शिक्षा के मंदिर का माहौल कैसा होगा और मासूम बच्चों के मन पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

दूसरे टीचर ने कैमरे पर स्वीकारी शराब पीकर स्कूल आने की बात

ग्रामीणों का दावा है कि कभी इस स्कूल में 50 से 60 छात्र पढ़ाई करने आते थे, लेकिन शिक्षक के टीचर के व्यवहार की वजह से अभिभावकों का भरोसा टूट गया। अब स्कूल में महज 10 से 15 बच्चे ही पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई की मांग की है। स्कूल में पदस्थ दूसरे शिक्षक ने भी कैमरे पर स्वीकार किया कि उनके वरिष्ठ शिक्षक कभी-कभी शराब की गंध के साथ स्कूल आते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उन्हें शराब पीते हुए नहीं देखा, लेकिन उनके मुंह से शराब की बदबू आती है।

शिक्षक ने सभी आरोपों को बताया निराधार

वहीं, जिन शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप लगाया गया है, उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने शराब नहीं पी है। उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर क्या कार्रवाई करता है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल एक शिक्षक की लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला होगा। 

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