मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल करने के लहजे में कहा कि वे उस कर्यक्रम में क्यों जाएंगी जो कार्यक्रम भाजपा का हो। धर्मनिरपेक्षता का कार्यक्रम होता तो उसमें जा सकती थी।
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल करने के लहजे में कहा कि वे उस कर्यक्रम में क्यों जाएंगी जो कार्यक्रम भाजपा का हो। धर्मनिरपेक्षता का कार्यक्रम होता तो उसमें जा सकती थी। मेरी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस है, उसकी अपनी नीति सिद्धांत है। उसका अपना आदर्श है।
सनातन संस्कृति संसद की ओर से ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल सीवी आंनद बोस को आमंत्रित किया गया था। उसमें राज्यपाल सीवी आनंद बोस गए थे। लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं गई थी। उनकी ओर से सनातन संस्कृति संसद को आमंत्रण का कोई जवाब भी नहीं दिया गया था।
गीता पाठ कार्यक्रम में भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य समेत भाजपा के कई नेता शामिल हुए थे। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना उनकी और राज्य सरकार की आलोजना की थी। आगामी 2026 के विधानसभा चुनाव में उनकी सरकार को हटाने की चर्चा की थी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें धर्मनिरपेक्षता की शिक्षा मिली है। पश्चिम बंगाल की मिंट्टी से सर्व धर्म सम भाव और धर्मनिरपेक्षता की शिक्षा मिलती है। जो धर्मनिरपेक्षता को नहीं मानते, यहां की मिट्टी और बांग्ला का अपमान करते हैं, रबींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस, विवेकानंद का अपमान करते हैं, उनके कार्यक्रम में कैसे जाया जा सकता है।
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