प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

डीपीआई के बाहर 2,000 से अधिक शिक्षकों ने हनुमान..

डीपीआई के बाहर 2,000 से अधिक शिक्षकों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया

MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के विरोध में भोपाल में करीब 2,000 शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं।

डीपीआई के बाहर 2000 से अधिक शिक्षकों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया

डीपीआई के बाहर 2,000 से अधिक शिक्षकों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया |

MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के विरोध में भोपाल में करीब 2,000 शिक्षक प्रदर्शन कर रहे हैं। वे भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि माध्यमिक शिक्षकों के लगभग 99 हजार और प्राथमिक शिक्षकों के करीब 1.31 लाख पद रिक्त होने के बावजूद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में केवल लगभग 10,800 माध्यमिक और 13,089 प्राथमिक पद ही घोषित किए हैं।

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के विरोध में मंगलवार को राजधानी भोपाल में करीब 2,000 शिक्षक एकत्र हुए। वे लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) और जनजातीय कार्य विभाग के बाहर पहुंचे और हनुमान चालीसा का पाठ किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि हजारों रिक्त पद होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में घोषित पदों की संख्या अत्यंत कम है। इससे न केवल योग्य अभ्यर्थियों के लिए अवसर सीमित हो रहे हैं, बल्कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो वे भूख हड़ताल पर जाएंगे।

पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आयोजित माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा (श्रेणी-2) तथा प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा (श्रेणी-3) में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।

हजारों रिक्तियां, भर्ती में बेहद कम पद

अभ्यर्थियों ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी राजपत्र के अनुसार 27 दिसंबर 2024 तक माध्यमिक शिक्षकों के 99 हजार से अधिक पद और प्राथमिक शिक्षकों के लगभग 1.31 लाख पद रिक्त थे। इसके बावजूद वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में माध्यमिक शिक्षकों के केवल 10,800 और प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पद ही भरे जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वास्तविक आवश्यकता की तुलना में घोषित पदों की संख्या बहुत कम है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल रहे हैं।

EWS और OBC श्रेणी के लिए शून्य पद दिखाने का आरोप

अभ्यर्थियों ने जनजातीय कार्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कई विषयों में EWS और OBC श्रेणी के लिए शून्य (0) पद दर्शाए गए हैं, जिससे इन श्रेणियों के युवाओं में गहरा रोष और निराशा है।

छात्रों की शिक्षा पर सीधा असर

शिक्षक संगठनों का कहना है कि पदों की कमी का सबसे बड़ा नुकसान छात्रों को हो रहा है। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को एक से अधिक विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं। इससे न केवल शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि परीक्षा परिणामों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। नई शिक्षा नीति-2020 में शिक्षक-छात्र अनुपात सुधारने पर जोर दिया गया है पर पर्याप्त नियुक्तियों के बिना यह संभव नहीं है।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैंशिक्षक भर्ती श्रेणी-2 (माध्यमिक) के सभी विषयों में प्रत्येक विषय में कम से कम 3,000 पद बढ़ाए जाएँ।प्राथमिक शिक्षक भर्ती (श्रेणी-3) में पदों की संख्या बढ़ाकर 25,000 की जाए। दूसरी काउंसलिंग शीघ्र शुरू की जाए।वर्ष 2025 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पद बढ़ाकर पूर्ण होने तक कोई नई पात्रता परीक्षा आयोजित न की जाए।

 

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/sjaishankar-said-about-venezuela-india-concerned-about-recent-developments/103954
 

Related to this topic: